नासा के करीब 22 साल पुराने स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को बचाने की कोशिश नाकाम हो गई है. स्विफ्ट को ऊंची ऑर्बिट में ले जाने के लिए भेजा गया LINK स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद ठीक से काम नहीं कर पाया. यह लगातार घूमने लगा और इसे कंट्रोल करना मुश्किल हो गया. कई हफ्तों तक इसे ठीक करने की कोशिश की गई, लेकिन पूरी तरह सफलता नहीं मिली. इसके बाद नासा और कैटलिस्ट स्पेस ने स्विफ्ट को पकड़ने और उसकी ऑर्बिट ऊंची करने का मिशन रद्द कर दिया.
स्विफ्ट अभी धरती से करीब 347 किलोमीटर ऊपर चक्कर लगा रहा है. योजना थी कि LINK इसे पकड़कर करीब 600 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाएगा. इससे स्विफ्ट कई और साल तक काम कर सकता था. लेकिन अब यह योजना खत्म हो गई है. स्विफ्ट की ऑर्बिट धीरे-धीरे नीचे आएगी और इस साल के आखिर में इसके धरती के वायुमंडल में पहुंचकर जलने की संभावना है.
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लॉन्च के बाद ही LINK में आई दिक्कत
LINK को जुलाई 2026 की शुरुआत में अंतरिक्ष में भेजा गया था. इसका काम स्विफ्ट के पास जाना, उसे पकड़ना और उसे ऊंची ऑर्बिट में ले जाना था. लेकिन अंतरिक्ष में पहुंचने के कुछ समय बाद ही LINK तेजी से घूमने लगा. इससे उसकी दिशा को कंट्रोल करना मुश्किल हो गया.
कैटलिस्ट स्पेस की टीम ने कई हफ्तों तक इसे ठीक करने की कोशिश की. पिछले हफ्ते यान में नया कंट्रोल सॉफ्टवेयर भी भेजा गया. इससे LINK के घूमने की रफ्तार कुछ कम हुई, लेकिन वह पूरी तरह कंट्रोल में नहीं आया. इसके बाद नासा और कैटलिस्ट स्पेस ने मिशन रोकने का फैसला किया.
2004 से अंतरिक्ष में काम कर रहा है Swift
स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को साल 2004 में अंतरिक्ष में भेजा गया था. यह अंतरिक्ष में होने वाले गामा-रे बर्स्ट्स का अध्ययन करता है. ये बहुत शक्तिशाली अंतरिक्षीय विस्फोट होते हैं. स्विफ्ट इन घटनाओं का पता लगाने और उनके बारे में जानकारी जुटाने में वैज्ञानिकों की मदद करता रहा है. करीब 22 साल से काम कर रहा स्विफ्ट नासा के महत्वपूर्ण अंतरिक्ष टेलीस्कोप में से एक है. इसकी कीमत करीब 500 मिलियन डॉलर बताई गई है.
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स्विफ्ट को ऊंची ऑर्बिट में क्यों ले जाना था?
स्विफ्ट अभी करीब 347 किलोमीटर की ऊंचाई पर है. इतने नीचे चक्कर लगाने वाले अंतरिक्ष यान की ऑर्बिट समय के साथ नीचे आती रहती है. इसलिए स्विफ्ट को करीब 600 किलोमीटर ऊपर ले जाने की योजना बनाई गई थी. अगर यह योजना सफल होती तो स्विफ्ट कई और साल तक काम कर सकता था. इसके लिए LINK को स्विफ्ट के पास जाकर उसे पकड़ना था और फिर उसे ऊपर ले जाना था.
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अब स्विफ्ट का क्या होगा?
रेस्क्यू मिशन रद्द होने के बाद स्विफ्ट को ऊपर ले जाने की योजना खत्म हो गई है. अब इसकी ऑर्बिट धीरे-धीरे नीचे आएगी. आखिर में स्विफ्ट धरती के वायुमंडल में प्रवेश करेगा. उस दौरान तेज रफ्तार और बहुत ज्यादा गर्मी के कारण इसके ज्यादातर हिस्से जल सकते हैं.
कैटलिस्ट स्पेस ने कहा है कि इस मिशन से उसे भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए काफी कुछ सीखने को मिला है. कंपनी आगे अपने दूसरे अंतरिक्ष यानों में इन सीखों का इस्तेमाल करेगी.
आजतक साइंस डेस्क