मचल रहा मॉनसून... होने वाली है तूफानी बारिश, जानिए कहां?

अगस्त में मॉनसून की चाल बदलती दिख रही है. कहीं बारिश राहत दे सकती है तो कहीं सूखे का खतरा बढ़ रहा है. ECMWF के ताजा अनुमान में देश के अलग-अलग हिस्सों की बारिश को लेकर अलग तस्वीर सामने आई है.

Advertisement
गुरुग्राम में बारिश के दौरान पानी से भरे सड़क से गुजरती गाड़ियां. (Photo: PTI) गुरुग्राम में बारिश के दौरान पानी से भरे सड़क से गुजरती गाड़ियां. (Photo: PTI)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:18 AM IST

अगस्त के बाकी दिनों में देश के सभी हिस्सों में मॉनसून की बारिश एक जैसी नहीं होगी. ECMWF के 14 अगस्त से 8 सितंबर तक के अनुमान के मुताबिक पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है. वहीं पश्चिमी, दक्षिणी और उत्तर-पश्चिमी भारत के कई इलाकों में बारिश कम रहने का अनुमान है. इसका असर सौराष्ट्र-कच्छ, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में ज्यादा दिख सकता है.

Advertisement

इस अनुमान के मुताबिक झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अगस्त के बाकी दिनों में बारिश अच्छी रह सकती है. मध्य प्रदेश में भी अगस्त की सामान्य बारिश के आसपास पानी गिर सकता है. वहीं जिन इलाकों में पहले से बारिश कम हुई है, वहां आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं होने पर पानी की कमी और बढ़ सकती है. हालांकि, यह लंबे समय का मौसम अनुमान है, इसलिए इसमें आगे बदलाव भी हो सकता है.

यह भी पढ़ें: फिर से जिंदा होगा मॉनसून, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बन रहा है, 13-16 अगस्त तक बारिश

सौराष्ट्र-कच्छ में बढ़ सकती है परेशानी

सौराष्ट्र-कच्छ में पहले से ही बारिश की कमी है. अगर अगस्त के बाकी दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो यहां पानी की कमी बढ़ सकती है. कुछ इलाकों में सूखे जैसी स्थिति भी बन सकती है. इसलिए आने वाले हफ्ते इस इलाके के लिए काफी अहम हैं. 

Advertisement

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ में भी बारिश पर नजर रहेगी. यहां हाल में बारिश की स्थिति कुछ बेहतर हुई थी. लेकिन अगर फिर से बारिश कम होती है तो कुछ हिस्से दोबारा कम बारिश वाली स्थिति में जा सकते हैं.

दक्षिण भारत में भी कम बारिश का अनुमान

तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश कम रहने के संकेत हैं. अगर यहां लगातार कम बारिश होती है तो खेती और पानी की व्यवस्था पर असर पड़ सकता है.

यह भी पढ़ें: ज्वालामुखी फूटा तो बढ़ी दीवानगी, लावा देखने माउंट एटना पर उमड़े हजारों टूरिस्ट

पूर्वी भारत में बारिश से राहत

झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए तस्वीर थोड़ी बेहतर है. इन राज्यों में अगस्त के बाकी दिनों में मॉनसून सक्रिय रह सकता है और अच्छी बारिश हो सकती है. इससे पहले हुई बारिश की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है.

मध्य प्रदेश में भी अगस्त की सामान्य बारिश के आसपास पानी गिरने की उम्मीद है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश कम रहने की चिंता है. हालांकि, अगस्त के दूसरे हिस्से में मॉनसून ट्रफ अगर उत्तर की तरफ रहता है तो इन इलाकों में बारिश बढ़ सकती है.

क्या सितंबर की शुरुआत में मॉनसून लौट जाएगा?

Advertisement

ECMWF के इस अनुमान के आधार पर अभी यह कहना सही नहीं है कि 1 सितंबर के बाद मॉनसून देश से लौट जाएगा. IMD के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत से मॉनसून की सामान्य वापसी की तारीख 17 सितंबर है. 1 सितंबर से पहले मॉनसून की वापसी नहीं मानी जाती.

मॉनसून की वापसी सिर्फ तारीख देखकर तय नहीं होती. इसके लिए बारिश में लगातार कमी, हवा में नमी कम होना और मौसम की दूसरी स्थितियों को भी देखा जाता है. 

फिलहाल मॉडल का संकेत यही है कि अगस्त के बाकी दिनों में देश में बारिश का बंटवारा असमान रह सकता है. पूर्वी भारत में बारिश अच्छी रह सकती है, जबकि पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में बारिश की कमी बढ़ सकती है. आने वाले दिनों में IMD के नए अपडेट से स्थिति और साफ होगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »