जेलीफिश का ‘हमला’ और बंद हो गए 3 न्यूक्लियर रिएक्टर! फ्रांस के प्लांट में आखिर हुआ क्या?

जेलीफिश ने फ्रांस के न्यूक्लियर प्लांट को रोक दिया. बड़े झुंड के पहुंचते ही 3 रिएक्टर बंद करने पड़े. अब सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में जेलीफिश प्लांट तक पहुंची कैसे?

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फ्रांस के नॉर्ड न्यूक्लियर प्लांट में इस समय जेलीफिश का हमला हुआ है. (Photo: AFP) फ्रांस के नॉर्ड न्यूक्लियर प्लांट में इस समय जेलीफिश का हमला हुआ है. (Photo: AFP)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 13 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:53 AM IST

फ्रांस के उत्तरी हिस्से में बने ग्रेवलाइन्स न्यूक्लियर पावर प्लांट में जेलीफिश के बड़े झुंड की वजह से 3 रिएक्टर बंद करने पड़े हैं. सोमवार देर रात रिएक्टर 2, 3 और 4 को बंद किया गया. वहीं रिएक्टर 1 को सावधानी के तौर पर 50 फीसदी क्षमता पर चलाया जा रहा है. प्लांट चलाने वाली कंपनी ईडीएफ ने इसकी जानकारी दी है.

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ग्रेवलाइन्स फ्रांस के बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट्स में से एक है. यहां कुल 6 रिएक्टर हैं और हर रिएक्टर करीब 900 मेगावाट बिजली बना सकता है. यानी पूरा प्लांट करीब 5.4 गीगावाट बिजली बना सकता है. रिएक्टर 5 पहले से ही मरम्मत के लिए बंद है, जबकि रिएक्टर 6 अभी सामान्य तरीके से चल रहा है। कंपनी के मुताबिक, जेलीफिश की इस घटना से प्लांट, कर्मचारियों या आसपास के पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है.

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जेलीफिश का बड़ा झुंड समुद्र से प्लांट में आने वाले पानी के रास्ते तक पहुंच गया था. न्यूक्लियर प्लांट में रिएक्टर को ठंडा रखने के लिए लगातार पानी की जरूरत होती है. ग्रेवलाइन्स प्लांट के लिए यह पानी नॉर्थ सी से जुड़ी एक नहर से आता है. अगर बड़ी संख्या में जेलीफिश एक साथ आ जाएं तो वे पानी के फिल्टर में फंस सकती हैं और पानी का रास्ता रोक सकती हैं. इसी वजह से रिएक्टरों को बंद किया गया.

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पिछले साल भी हुई थी ऐसी घटना

जेलीफिश की वजह से ग्रेवलाइन्स प्लांट को पिछले साल भी बंद करना पड़ा था. उस समय जेलीफिश का इतना बड़ा झुंड पहुंच गया था कि पूरे प्लांट को बंद करना पड़ा. इसके बाद कंपनी ने ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए निगरानी और सफाई की व्यवस्था बेहतर की.

प्लांट के पानी आने वाले हिस्से और फिल्टर पर कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों की मदद से जेलीफिश के झुंड को जल्दी देखा जा सकता है और समय रहते कार्रवाई की जा सकती है.

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नावों से हटाई जा रही जेलीफिश

इस बार जेलीफिश के झुंड की जानकारी मिलने के बाद शनिवार से ही मछली पकड़ने वाली नावों को लगाया गया था. इन नावों की मदद से जेलीफिश की संख्या कम करने की कोशिश की गई, ताकि वे बड़ी संख्या में प्लांट तक न पहुंचें.

जो जेलीफिश पहले ही प्लांट के पास पहुंच चुकी थीं, उन्हें वैक्यूम ट्रकों की मदद से हटाया जा रहा है. ईडीएफ के मुताबिक, अब नई जेलीफिश प्लांट की तरफ नहीं आ रही हैं. इसलिए सफाई जल्द पूरी होने की उम्मीद है और बंद किए गए रिएक्टरों को भी जल्द शुरू किया जा सकता है.

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गर्मी से भी न्यूक्लियर प्लांट पर असर

फ्रांस के न्यूक्लियर प्लांट इस समय तेज गर्मी की वजह से भी मुश्किल में हैं. देश में एक और हीटवेव आने की उम्मीद है. इससे कुछ रिएक्टरों की बिजली बनाने की क्षमता कम हो सकती है. उत्तरी फ्रांस का एक रिएक्टर नदी के कम जलस्तर की वजह से लंबे समय से बंद है. 

एक और रिएक्टर जुलाई में काफी समय तक बंद रहा और उसे सीमित क्षमता पर चलाया गया. वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र का बढ़ता तापमान, जेलीफिश को खाने वाले जीवों की संख्या में कमी और जरूरत से ज्यादा मछली पकड़ने जैसे कारणों से ऐसे बड़े जेलीफिश झुंड आगे और ज्यादा देखने को मिल सकते हैं

फिलहाल ग्रेवलाइन्स प्लांट में स्थिति नियंत्रण में है. नई जेलीफिश नहीं आ रही हैं और सफाई का काम चल रहा है. 3 रिएक्टरों को बंद करना किसी हादसे की वजह से नहीं, बल्कि प्लांट को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया कदम है.

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