दिल्ली में मॉनसून का प्रकोप, जमकर बरसे बादल... 15 साल का रिकॉर्ड टूटा

दिल्ली में अगस्त के पहले सात दिनों में 127 मिमी बारिश हुई, जो 2011 के बाद सबसे अधिक है. शुक्रवार की भारी बारिश ने जलभराव किया. शनिवार को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है.

Advertisement
दिल्ली में बारिश के दौरान जमा बादल और यमुना नदी में उठता झाग. (Photo: PTI) दिल्ली में बारिश के दौरान जमा बादल और यमुना नदी में उठता झाग. (Photo: PTI)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 08 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:35 PM IST

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को हुई भारी बारिश ने शहर को बुरी तरह प्रभावित कर दिया. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार अगस्त के पहले सात दिनों में राजधानी में कुल 127 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. यह 2011 के बाद अगस्त के पहले सप्ताह में सबसे अधिक वर्षा है. 

Advertisement

पिछले दो दशकों में इस अवधि में औसतन सिर्फ 42 मिलीमीटर बारिश होती थी, लेकिन इस बार मॉनसून ने रिकॉर्ड तोड़ दिया. कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं. ट्रैफिक जाम लग गया. जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया. पुष्प विहार में 147.5 मिलीमीटर तक बारिश हुई, जबकि छतरपुर में 131 मिलीमीटर दर्ज किया गया. पालम में भी अगस्त के लिए कई वर्षों बाद उच्चतम 24 घंटे की बारिश का आंकड़ा देखने को मिला.

यह भी पढ़ें: भूकंप या अंडरग्राउंड प्रेशर... गुजरात के कुएं में पानी की अजीब हलचल

इस भारी वर्षा के पीछे कई मौसमी सिस्टम एक साथ एक्टिव थीं. आईएमडी के अनुसार मॉनसून ट्रफ गंगानगर, दिल्ली से होते हुए दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में फैला हुआ था. बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा था. दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ था, जिसके साथ साइक्लोनिक सर्कुलेशन करीब 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला था. 

Advertisement

इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत पर पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय था. इन सभी प्रणालियों के मिलने से नमी का प्रवाह बढ़ा और उत्तरी मैदानों में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा हो गईं. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई. यह एक्टिव मॉनसून फेज़ उत्तर भारत में जारी रहा, जिसने दिल्ली-एनसीआर को बुरी तरह प्रभावित किया.

शहर पर असर और जलभराव की समस्या

शुक्रवार की बारिश ने कई इलाकों में चार फीट तक पानी भर दिया. रेड फोर्ट के आसपास, कपाशेरा बॉर्डर, मेहरौली-बदरपुर रोड, आईटीओ, वजीराबाद रोड और अन्य प्रमुख सड़कों पर वाहन फंस गए. गुड़गांव में भी 67.5 मिलीमीटर बारिश हुई और जलभराव की शिकायतें आईं.

यह भी पढ़ें: डानुबे का पानी घटा, परमाणु बिजली पर लगा ब्रेक... हंगरी में मचा एनर्जी क्राइसिस

नोएडा के पास जेवर और दादरी में भी अच्छी खासी वर्षा दर्ज की गई. आवासीय कॉलोनियों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी हुई. पुरानी जल निकासी व्यवस्था और बढ़ते कंक्रीट के कारण शहर में पानी जल्दी नहीं निकल पाता. इससे यातायात ठप हो गया और कई जगहों पर यात्री घंटों फंसे रहे. 

हालांकि तापमान में थोड़ी गिरावट आई और नमी वाली गर्मी से थोड़ी राहत मिली, लेकिन जलभराव ने जीवन को बाधित कर दिया. वायु गुणवत्ता सूचकांक संतोषजनक स्तर पर रहा. 

Advertisement

शनिवार, 8 अगस्त को दिल्ली में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. सुबह से दोपहर तक कई स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है, जबकि अलग-अलग जगहों पर मध्यम वर्षा हो सकती है. शाम या रात में फिर से हल्की बारिश की संभावना है.

यह भी पढ़ें: कश्मीर में फिर से आतंक भड़काने के लिए ISI अपना रहा हमास का तरीका

शुक्रवार जितनी तेज बारिश की उम्मीद नहीं है, लेकिन सक्रिय मॉनसून पैटर्न जारी रहेगा. अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. न्यूनतम तापमान में भी थोड़ी गिरावट दर्ज की गई. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में काफी व्यापक वर्षा की भविष्यवाणी है, लेकिन दिल्ली में अलग-अलग भारी बारिश का विशेष अलर्ट नहीं है. आने वाले दिनों में भी उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है, हालांकि तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है.

रिकॉर्ड और भविष्य की चुनौतियां

अगस्त के पहले सप्ताह का यह रिकॉर्ड दर्शाता है कि मॉनसून इस साल अधिक सक्रिय है. सफदरजंग सहित कई स्टेशनों पर सामान्य से अधिक वर्षा हो चुकी है. कुछ स्थानों पर सामान्य से 50 प्रतिशत से लेकर 200 प्रतिशत तक अधिक बारिश दर्ज हुई. शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बार-बार महसूस होती है. 

Advertisement

जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक वर्षा की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे शहरी बाढ़ का खतरा और बढ़ जाता है. आईएमडी लगातार निगरानी कर रहा है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है. गुड़गांम जैसे क्षेत्रों में काम से घर रहने की सलाह भी दी गई. मॉनसून की यह सक्रियता किसानों के लिए अच्छी हो सकती है, लेकिन शहरवासियों के लिए चुनौती है.

दिल्ली-NCR में मॉनसून का यह दौर याद दिलाता है कि मौसम की अनिश्चितता के बीच तैयार रहना जरूरी है. भारी बारिश से राहत तो मिलती है, लेकिन जलभराव और यातायात समस्याएं जीवन को कठिन बना देती हैं. आने वाले कुछ दिनों में हल्की बारिश हो सकती है.  

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »