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गर्मी बढ़ी, नदी सूखी और सामने आया 80 साल पुराना युद्धपोत

आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:54 AM IST
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यूरोप में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब नदियों पर भी दिखने लगा है. सर्बिया के प्राहोवो इलाके के पास डानुबे नदी का पानी काफी कम हो गया है. इसके बाद दूसरे विश्व युद्ध के समय डुबोए गए नाजी जर्मनी के कई युद्धपोत फिर से दिखाई देने लगे हैं. Photo: AP

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यह ऐसे समय में हुआ है, जब यूरोप के कई देश तेज गर्मी, सूखे और जंगल की आग से जूझ रहे हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ती गर्मी और कम बारिश की वजह से नदियों का पानी तेजी से घट रहा है. क्लाइेट चेंज भी इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है. Photo: AP

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पानी कम होने के बाद इन युद्धपोतों के कई हिस्से अब साफ दिखाई दे रहे हैं. इनमें जहाज का कंट्रोल वाला हिस्सा, तोपें और जंग लगे लोहे के ढांचे शामिल हैं. इतिहासकार इसे दूसरे विश्व युद्ध की अहम निशानी मान रहे हैं. वहीं, वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलते मौसम का भी बड़ा संकेत है. Photo: Reuters

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साल 1944 में जब नाजी जर्मनी की सेना पीछे हट रही थी, तब उसने अपने कई युद्धपोत खुद ही डानुबे नदी में डुबो दिए थे. ऐसा इसलिए किया गया था ताकि सोवियत सेना इन जहाजों पर कब्जा न कर सके. अब करीब 80 साल बाद नदी का पानी घटने से ये जहाज फिर से बाहर दिखाई देने लगे हैं. Photo: Reuters

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डानुबे यूरोप की सबसे लंबी नदियों में से एक है. यह करीब 2850 किलोमीटर लंबी है और 10 देशों से होकर गुजरती है. पिछले कुछ हफ्तों से यहां तेज गर्मी और कम बारिश हो रही है. इसी वजह से नदी का जलस्तर काफी नीचे चला गया है. हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में हाल ही में पानी का स्तर सिर्फ 23 सेंटीमीटर रह गया, जो 2018 के रिकॉर्ड से भी कम है. Photo: AP

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जानकारों का कहना है कि इन पुराने जहाजों में आज भी बिना फटे गोला-बारूद हो सकते हैं. इसलिए पानी और कम होने पर नदी में चलने वाले जहाजों के लिए खतरा बढ़ सकता है. कम पानी की वजह से माल ढुलाई, नावों की आवाजाही और नदी पर्यटन पर भी असर पड़ा है. कुछ बिजली संयंत्रों को भी पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है. Photo: AP

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यूरोप के कई देश इस समय भीषण गर्मी, सूखे और जंगल की आग से जूझ रहे हैं. स्पेन, पुर्तगाल, फ्रांस, ग्रीस और बाल्कन के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर आग लगी है. वैज्ञानिकों का कहना है कि धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है. इसकी वजह से हीटवेव और सूखे जैसी घटनाएं पहले से ज्यादा बार और ज्यादा तेज हो रही हैं. इसका असर नदियों, जंगलों और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ रहा है. Photo: AP

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डानुबे नदी से बाहर आए ये युद्धपोत सिर्फ 80 साल पुराने इतिहास की कहानी नहीं बताते. ये यह भी दिखाते हैं कि बढ़ती गर्मी और क्लाइमेट चेंज अब दुनिया को किस तरह बदल रहे हैं. अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में ऐसी घटनाएं और ज्यादा देखने को मिल सकती हैं. Photo: AP

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