पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू, श्राद्ध से पहले ही निपटा लें घर के ये 5 काम

पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू होगा और इसका समापन 10 अक्टूबर को होगा. सर्वपितृ अमावस्य पर श्राद्धपक्ष समाप्त हो जाते हैं. ज्योतिषविदों का कहना है कि पितृपक्ष शुरू होने से पहले घर में पांच जरूरी कार्य निपटा लेने चाहिए.

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पितृपक्ष शुरू होने से पहले जरूर निपटा लें घर के ये 5 काम. (Photo: ITG) पितृपक्ष शुरू होने से पहले जरूर निपटा लें घर के ये 5 काम. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:15 PM IST

Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष शुरू होने वाले हैं. इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू होगा और इसका समापन 10 अक्टूबर को होगा. करीब 15 दिनों की इस अवधि में पितरों की विधिवत पूजा-अर्चना का विधान है. मान्यता है कि इस अवधि में पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से उनका आशीर्वाद हम पर बना रहता है. ज्योतिषविदों का कहना है कि पितृपक्ष शुरू होने से पहले ही घर में पांच जरूरी काम निपटा लेने चाहिए.

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1. घर की अच्छी तरह सफाई
पितृपक्ष शुरू होने से पहले पूरे घर की अच्छी तरह साफ-सफाई जरूर कर लें. खासतौर पर पूजा घर, रसोई और उन स्थानों की सफाई जरूर करें जहां नियमित रूप से पूजा-पाठ किया जाता है. घर को साफ और व्यवस्थित रखने से वातावरण भी बेहतर बना रहता है.

2. टूटी-फूटी चीजें घर से निकालें
घर में लंबे समय से पड़ी टूटी-फूटी या बेकार वस्तुओं को छांटकर तुरंत बाहर कर दें. टूटे बर्तन, कांच का सामान और खंडित चीजों को घर में जमा करके रखने से बचना चाहिए. ऐसी चीजें घर में नकारात्मक ऊर्जा के संचार को बढ़ाती हैं. मान्यता है कि ऐसी वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा का कारण बन सकती हैं.

3. बाल और दाढ़ी बनवा लें
पितृपक्ष के दौरान बाल, नाखून और दाढ़ी कटवाना वर्जित माना गया है. इसलिए ज्योतिषविदों की सलाह है कि ये काम पितृपक्ष शुरू होने से पहले जरूर कर लें. बीच में इस तरह की गलती न करें तो बेहतर होगा.

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4. श्राद्ध सामग्री जुटा लें
तर्पण और पिंडदान के लिए जरूरी सामान अंतिम समय पर जुटाने के बजाय पहले ही खरीदकर रख लें. कुशा, काले तिल, जौ, चंदन और गंगाजल जैसी आवश्यक सामग्री की व्यवस्था पहले से कर लेने पर श्राद्ध कर्म के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.

5. पंडित या पुरोहित से संपर्क
अगर आप पंडित या पुरोहित के मार्गदर्शन में श्राद्ध, तर्पण या पिंडदान कराने वाले हैं, तो उनसे पहले ही बात कर लें. संबंधित तिथि और समय की जानकारी लेकर अपनी तैयारी पूरी कर लें. इससे पितृपक्ष के दौरान धार्मिक कार्य व्यवस्थित तरीके से किए जा सकेंगे. पितृपक्ष में मौके पर इनका मिलना कई बार मुश्किल हो जाता है.

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