राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार देने, शिक्षा के साथ कौशल विकास को बढ़ावा देने और गांवों के सुनियोजित विकास के लिए काम कर रही है. ‘पंचायत आजतक राजस्थान’ के सत्र ‘पर्ची… खर्ची… और परीक्षा!’ में उन्होंने दावा किया कि राज्य में सरकार बनने के बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं. उन्होंने पंचायत चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की भारी जीत का भरोसा भी जताया.
पंचायत चुनाव की तैयारियों पर बैरवा ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता हमेशा जनता के बीच रहकर काम करता है. पार्टी विकास और जनसेवा के आधार पर चुनाव लड़ती है. उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव में मिली सफलता के बाद भाजपा को पंचायत चुनाव में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है.
कांग्रेस की ओर से निकाय चुनाव में परिसीमन में बदलाव, पुलिस बल के इस्तेमाल और प्रशासन पर दबाव बनाने के आरोपों को उन्होंने बेबुनियाद बताया. बैरवा ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भी परिसीमन हुआ था और कई जगहों पर वार्डों का गठन ठीक तरीके से नहीं किया गया था. उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के दौरान चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए गए हैं.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पंचायत चुनाव और निकाय चुनाव एक साथ कराने की दिशा में काम किया है. इससे बार-बार आचार संहिता लागू होने से होने वाली परेशानी कम होगी और प्रशासन विकास कार्यों पर ज्यादा ध्यान दे सकेगा.
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गांवों के विकास के लिए तैयार हो रहा रोडमैप
बैरवा ने बताया कि सरकार गांवों के विकास के लिए सुनियोजित रोडमैप तैयार कर रही है. इसके तहत यह तय किया जाएगा कि गांवों में अस्पताल, स्कूल, सार्वजनिक स्थान और उद्योग कहां स्थापित किए जाएं. सरकार का उद्देश्य गांवों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है.
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए काम कर रही है. बैरवा के मुताबिक, सरकार ने घोषणापत्र के करीब 78 प्रतिशत कार्य पूरे कर लिए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जिन कार्यों में तकनीकी या न्यायिक कारणों से देरी हुई है, उन्हें पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
राजस्थान में पानी की समस्या के स्थायी समाधान पर जोर
राजस्थान की प्रमुख चुनौतियों का जिक्र करते हुए बैरवा ने पानी की कमी को महत्वपूर्ण मुद्दा बताया. उन्होंने कहा कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) और यमुना जल समझौते जैसी पहल से राज्य में जल उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी. उनके अनुसार, पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा. इससे राजस्थान के उन क्षेत्रों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जहां लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई है.
उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारियों पर बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पढ़ाई के साथ कौशल विकास पर भी जोर दे रही है. उनका कहना था कि युवाओं को उनकी रुचि और प्रतिभा के अनुसार प्रशिक्षण मिलना चाहिए, ताकि वे सरकारी नौकरी के अलावा निजी क्षेत्र और स्वरोजगार में भी आगे बढ़ सकें.
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उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवा केवल नौकरी मांगने वाले न बनें, बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें. इसके लिए कौशल केंद्रों, प्रशिक्षण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े कौशल को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जा रहा है. बैरवा ने दावा किया कि राज्य में करीब डेढ़ लाख सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं और वर्ष 2028 तक चार लाख से अधिक सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ने की बात कही.
निवेश से प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
बैरवा ने कहा कि राजस्थान में उद्योगों की स्थापना से युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी. उन्होंने राइजिंग राजस्थान निवेश पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है. उनका कहना था कि जब राज्य में उद्योग स्थापित होंगे, तो युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर जाने की जरूरत कम होगी. स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से वे अपने परिवार के साथ रहकर भी बेहतर आजीविका हासिल कर सकेंगे.
ईडब्ल्यूएस नियमों में बदलाव पर विचार
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से जुड़े नियमों को सरल बनाने की मांग पर बैरवा ने कहा कि सरकार इस विषय पर विचार कर रही है. उन्होंने बताया कि आरक्षण और पात्रता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार की समितियां काम कर रही हैं.
उन्होंने कहा कि अलग-अलग सामाजिक वर्गों की मांगों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर आगे निर्णय लिया जाएगा.
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता का दावा
राजस्थान में पेपर लीक के मुद्दे पर बैरवा ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की कई घटनाएं हुई थीं. उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की. बैरवा ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 350 से अधिक परीक्षाएं आयोजित की गई हैं और इनमें पेपर लीक की कोई घटना सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कड़े इंतजाम किए गए हैं.
पर्यटन और विरासत से बदलेगी राजस्थान की तस्वीर
राजस्थान की पर्यटन संभावनाओं पर बैरवा ने कहा कि राज्य की ऐतिहासिक हवेलियां, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थल इसकी बड़ी ताकत हैं. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी सुविधाओं और संपर्क व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकास से स्थानीय लोगों की आमदनी बढ़ सकती है और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं. सरकार का प्रयास है कि राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को आगे बढ़ाते हुए पर्यटन को आर्थिक विकास का मजबूत माध्यम बनाया जाए.
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