राजस्थान में पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में पंचायत चुनाव चार चरणों में कराने का फैसला किया है. चुनाव की घोषणा के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लागू हो चुकी है, जिसके बाद से मंत्रियों के सरकारी वाहनों के इस्तेमाल से लेकर तबादलों तक पर रोक लग गई है. आइए जानते हैं कि पंचायत चुनाव के लिए वोटिंग कब होगी और पूरी चुनावी प्रक्रिया कैसे चलेगी.
राजस्थान में पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे.
वहीं, सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव भी चार चरणों में होंगे.
सभी चरणों में मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा.
नामांकन से लेकर अधिसूचना तक का पूरा कार्यक्रम
राजस्थान में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया 8 अक्टूबर को लोक सूचना जारी होने के साथ शुरू होगी. उम्मीदवार 13 अक्टूबर तक सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे. इसके बाद 14 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 15 अक्टूबर नाम वापस लेने की आखिरी तारीख होगी.
पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए चरणवार अधिसूचना इस तारीख को जारी होगी:
EVM से चुने जाएंगे सदस्य, बैलेट पेपर से सरपंच
इस चुनाव में मतदान के लिए दो तरीके अपनाए जाएंगे. सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद के सदस्यों को चुनने के लिए EVM का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके अलावा, पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है.
इस बार 41 जिला परिषदों और 457 पंचायत समितियों के चुनाव होंगे. इसके अलावा, 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच चुने जाएंगे. चुनाव के जरिए 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे. इनके अलावा 41 जिला प्रमुख और 457 प्रधान भी चुने जाएंगे. कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली में जिला प्रमुखों और सरपंचों के चुनाव 22 दिसंबर को होंगे.
जयपुर में सबसे ज्यादा वोटर
वोटरों की बात करें तो राजस्थान में कुल मतदाताओं में 51.82 फीसदी पुरुष और 48.18 फीसदी महिलाएं शामिल हैं. जिलों के लिहाज से राजधानी जयपुर में सबसे ज्यादा 18.99 लाख वोटर हैं, जबकि जैसलमेर में सबसे कम 4.36 लाख मतदाता दर्ज हैं. चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू होने के कारण अब तबादलों पर पूरी तरह रोक रहेगी. साथ ही मंत्रियों के सरकारी वाहनों और सरकारी गेस्ट हाउस या डाक बंगलों के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगा दी गई है. किसी भी तरह की मदद या जानकारी के लिए मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं.
शरत कुमार