मध्य प्रदेश में मानसून का नया दौर शुरू हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार 14 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना है. बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम अब गहरे अवदाब में बदल चुका है और इसका असर अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश पर बना रहेगा.
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का वितरण फेयरली वाइडस्प्रेड रहा, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश स्कैटर्ड रही. सबसे ज्यादा 111 मिमी बारिश सीहोर जिले में दर्ज की गई. इसके अलावा 20 स्टेशनों पर गरज-चमक और 9 स्टेशनों पर तेज हवाएं रिकॉर्ड की गईं. सबसे तेज हवा भी सीहोर में दर्ज हुई.
14 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 14 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 15 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक नर्मदापुरम, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट और सागर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इन इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली चमकने की भी संभावना है.
भोपाल-इंदौर-उज्जैन में भी बारिश जारी
भोपाल, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, हरदा, बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, दमोह और पांढुर्णा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है.
क्यों बढ़ेगा बारिश का असर?
अरुण शर्मा ने बताया कि पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र अब अवदाब में बदल गया है. यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है. इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तथा पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम को प्रभावित कर रहे हैं.
तापमान पर भी असर
पिछले 24 घंटे में ग्वालियर-चंबल और सागर-रीवा संभाग में तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री ज्यादा दर्ज हुआ. वहीं भोपाल, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में तापमान सामान्य के आसपास रहा, जबकि इंदौर संभाग में तापमान सामान्य से 1 से 3 डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया. सबसे अधिक अधिकतम तापमान निवाड़ी में 36.8°C और पश्चिमी मध्य प्रदेश में ग्वालियर में 35.6°C दर्ज किया गया.
अगले 5 दिन क्यों अहम?
मौसम विभाग ने बताया कि 15 अगस्त के बाद भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. 16 और 17 अगस्त के लिए उमरिया, बालाघाट, सीहोर, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, हरदा और खंडवा जिलों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें, बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न रुकें, तेज हवा के दौरान पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूरी रखें, और प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें.
13 अगस्त को कैसा रहा मौसम?
13 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का असर ज्यादा रहा, जबकि पूर्वी हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई. सीहोर में सबसे ज्यादा 111 मिमी भारी बारिश रिकॉर्ड हुई. सागर में 75 मिमी बारिश दर्ज की गई. कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलीं.
मौसम विभाग का कहना है कि 13 अगस्त की सक्रिय बारिश के बाद 14 अगस्त से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का दायरा और बढ़ेगा और गहरे अवदाब का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा.
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