मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के सभी विधायक काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे और सरकार पर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने तथा छात्रों के मुद्दों से बचने का आरोप लगाया. कांग्रेस ने कहा कि यदि पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन पर सदन में चर्चा नहीं कराई गई तो उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा.
विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों ने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में काली पट्टी बांधी. साथ ही उन्होंने राज्य में पेपर लीक के मामलों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा. विपक्ष का आरोप है कि सरकार जानबूझकर ऐसे मुद्दों पर चर्चा से बच रही है, जिनका सीधा संबंध युवाओं और छात्रों के भविष्य से है.
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक विधानसभा पहुंचे थे. उनके हाथों पर और बाजुओं पर काली पट्टी बंधी थी. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना उचित नहीं है. उनका आरोप था कि राहुल गांधी की हिरासत इसी मानसिकता का हिस्सा है और सरकार असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है.
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कांग्रेस ने यह भी कहा कि प्रदेश में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है. इसके बावजूद सरकार इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार नहीं है. विपक्ष का कहना है कि छात्रों के आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए.
विधानसभा सत्र के पहले दिन हुए इस विरोध प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने साफ संकेत दिया कि वह सत्र के दौरान छात्रों, युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी. पार्टी का कहना है कि सरकार अगर इन विषयों पर चर्चा से बचती रही तो विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह उसका विरोध जारी रहेगा. कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और अन्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
रवीश पाल सिंह