वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचनों का युवाओं पर कितना गहरा प्रभाव है, इसकी एक अद्भुत और भावुक कर देने वाली मिसाल मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से सामने आई है. महाराज श्री से मिलने और उनके दर्शन करने के जुनून में खरगोन के रायलबेड़ा निवासी 21 वर्षीय युवक राजेंद्र सिंह चौहान घर से निकलकर करीब 1600 किमी दूर भारत-पाकिस्तान के अतिसंवेदनशील बॉर्डर (जम्मू) तक जा पहुंचा.
गनीमत रही कि जम्मू के एक सजग सोशल मीडिया इंफ्लुएंजर और खरगोन पुलिस की मुस्तैदी से भटके हुए युवक को सकुशल ढूंढ निकालकर उसके रोते-बिलखते परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है.
6 सितंबर को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की शिकायत
खरगोन पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर 2026 को कोतवाली थाने में सूचना मिली कि रायलबेड़ा निवासी राजेंद्र चौहान घर से कहीं चला गया है. परिजनों ने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली.
इसके बाद कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई. थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने युवक की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित की. पुलिस ने खरगोन और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फुटेज से युवक के खंडवा की ओर जाने की जानकारी मिली.
मथुरा-वृंदावन जाने का लगा था अनुमान
जांच के दौरान पुलिस टीम खंडवा पहुंची. वहां सीसीटीवी फुटेज देखने और स्थानीय लोगों से पूछताछ करने के बाद युवक के ट्रेन से मथुरा-वृंदावन की ओर जाने की संभावना जताई गई.
पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी. इसी बीच जम्मू से ऐसी जानकारी मिली, जिससे मामले में अहम सुराग हाथ लगा.
जम्मू के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने दी जानकारी
पुलिस के अनुसार, जम्मू के समाजसेवी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जितेंद्र सिंह को युवक सैनिक कॉलोनी क्षेत्र में मिला था. युवक की स्थिति को देखते हुए उन्होंने उसे सुरक्षित अपने पास रखा और स्थानीय पुलिस के माध्यम से उसके परिवार से संपर्क करने में मदद की.
जितेंद्र सिंह ने युवक के पिता से संपर्क कर उसके जम्मू में होने की जानकारी दी. इसके बाद खरगोन पुलिस ने स्थानीय पुलिस और समाजसेवी से संपर्क स्थापित किया तथा युवक की पहचान की पुष्टि की.
1600 KM दूर पहुंची खरगोन पुलिस
युवक के जम्मू में होने की पुष्टि होने के बाद खरगोन पुलिस की टीम करीब 1600 किमी की दूरी तय कर वहां पहुंची. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस उसे सकुशल खरगोन लेकर आई और परिजनों को सौंप दिया.
युवक के पिता दिव्यांग हैं और सरकारी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत बताए गए हैं. बेटे के अचानक लापता होने से परिवार परेशान था.
प्रेमानंद महाराज के वीडियो लगातार देखता था युवक
खरगोन थाना इंचार्ज बीएल मंडलोई के मुताबिक, राजेंद्र सोशल मीडिया पर संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचन और वीडियो लगातार देखता था. वह महाराज से मिलने की इच्छा जताता था. इसी चाह में एक दिन वह अचानक घर से निकल गया और इतनी दूर जम्मू पहुंच गया.
इस पूरे मामले में सीसीटीवी फुटेज, पुलिस की तलाश और जम्मू के समाजसेवी की मदद अहम साबित हुई. युवक के सुरक्षित घर लौटने से परिवार ने राहत की सांस ली.
उमेश रेवलिया