दिग्विजय बोले- मुझसे बड़ा सनातनी बताओ; आजम खान से दोस्ती, राम मंदिर के चंदे पर सवाल और EVM को चुनौती

राजगढ़ में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे, EVM और वोटर लिस्ट पर सवाल उठाए. आजम खान को अच्छा राजनेता बताते हुए भाजपा को चुनौती दी.

Advertisement
दिग्विजय सिंह की सनातन स्वाभिमान यात्रा.(Photo:ITG) दिग्विजय सिंह की सनातन स्वाभिमान यात्रा.(Photo:ITG)

पंकज शर्मा

  • राजगढ़,
  • 31 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:35 PM IST

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को राजगढ़ में अपनी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान चंदा चोरी, वोट चोरी और धार्मिक स्थलों में  अनियमितताओं को लेकर भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए पारदर्शिता पर सवाल उठाए. वहीं, ईवीएम पर कांग्रेस के रुख को दोहराते हुए कहा, "चुनाव हार गए तो हार गए, कोई बात नहीं. बैलेट पेपर से चुनाव करा दीजिए."

Advertisement

जिला मुख्यालय पर रात्रि विश्राम के बाद दिग्विजय सिंह ने मां जालपा देवी के दर्शन किए और नेवज नदी की पूजा की. इसके बाद यात्रा कालीपीठ मार्ग स्थित दंड जोड़ के भगवान बाबा रामदेव मंदिर पहुंची, जहां उन्होंने प्रेस वार्ता को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म की मूल भावना, धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण है. उनके मुताबिक, चंदा चोरी और वोट चोरी के मुद्दे भी इसी लड़ाई का हिस्सा हैं.

राम मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर उठाए सवाल

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर के चंदे और ट्रस्ट की जमीन से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि मंदिर के आसपास जमीनों की कीमत बढ़ने के बीच कुछ मामलों में भाजपा नेताओं ने सस्ती कीमत पर जमीन खरीदकर 24 घंटे के भीतर राम मंदिर ट्रस्ट को बेच दी.

Advertisement

एक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि दो करोड़ रुपये में खरीदी गई जमीन अगले दिन ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपये में बेची गई. सिंह ने कहा कि इस मामले में जांच की मांग उठाई गई और एसआईटी को प्रमाण सौंपे जाने की बात भी सामने आई, लेकिन जांच नहीं हुई. उन्होंने चंदा संग्रह में गड़बड़ी की शिकायत करने वाले आरएसएस के पूर्व प्रचारक महिपाल सिंह का भी उल्लेख किया. कांग्रेस नेता वैष्णोदेवी ट्रस्ट, केदारनाथ, ओरछा और उज्जैन के धार्मिक स्थलों का जिक्र करते हुए दान की राशि के पारदर्शी उपयोग की जरूरत बताई.

पत्नी अमृता संग पूजा करते दिग्विजय सिंह.

ईवीएम पर बोले- हार गए तो हार गए

ईवीएम के विरोध और बैलेट पेपर से हुए चुनाव में कांग्रेस की हार से जुड़े सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनका मुद्दा चुनाव में जीत-हार नहीं, बल्कि मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता है. उन्होंने कहा कि भारत के नागरिक के रूप में मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में होना और अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देना उसका अधिकार है. उन्होंने वीवीपैट की पर्ची मतदाता को हाथ में नहीं दिए जाने पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की चुनौती दी.

सिंह ने कहा, "चुनाव हार गए तो हार गए, चलेगा, कोई बात नहीं. आप बैलेट पेपर से पूरा चुनाव करा दीजिए. जब आप कह रहे हैं कि बैलेट पेपर से कांग्रेस हार रही है, तो हराइए."

Advertisement

बोले- भाजपा में मुझसे बड़ा सनातनी बताओ

भाजपा नेताओं के इस सवाल पर कि उनकी सरकार के समय उन्हें भगवान राम की याद क्यों नहीं आई, दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने रामलीला पूजन में चंदा दिया और गौ सेवा आयोग का गठन किया था. उन्होंने अपने गृह क्षेत्र राघौगढ़ के 400 साल पुराने राघवजी मंदिर का भी उल्लेख किया.

इसके बाद उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि कोई ऐसा व्यक्ति बताएं, जो उनसे ज्यादा धार्मिक हो. उन्होंने आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद में भी ऐसा व्यक्ति बताने की बात कही.

सिंह ने कहा कि उनकी यात्रा में ऐसे लोग भी शामिल हो रहे हैं, जो किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हैं. उन्होंने दावा किया कि कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं और आरएसएस के लोगों के संदेश भी आए हैं. उनके मुताबिक, इन लोगों ने वैचारिक मतभेद के बावजूद राम मंदिर में चंदे की कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर उनके उठाए सवालों का समर्थन किया है.

आजम खान को बताया मित्र, बोले- गलत काम नहीं किया

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के कांग्रेस में आने की संभावना से जुड़े सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि आजम खान से उनकी अच्छी मित्रता है और वह उन्हें अच्छा राजनेता मानते हैं.

Advertisement

उन्होंने कहा कि आजम खान ने विश्वविद्यालय शुरू किया और अपनी संपत्ति उसमें लगा दी. यूपीए सरकार के दौरान विश्वविद्यालय को मंजूरी दिलाने में उन्होंने अपनी ओर से जितनी मदद संभव थी, की. सिंह ने कहा कि आजम खान जिस पार्टी में रहना चाहें, रह सकते हैं. समाजवादी पार्टी उनके गठबंधन का हिस्सा है और वे एक-दूसरे के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते.

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के संबंध में पूछे गए सवाल पर भी उन्होंने उन्हें अपना मित्र बताया और कहा कि वे उन्हें काफी समय से जानते हैं.

राहुल गांधी की महारैली पर भी बोले

दिल्ली में एक नवंबर को प्रस्तावित राहुल गांधी की 'वोट बचाओ-देश बचाओ' महारैली को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि जो नेता दिल्ली जा सकते हैं, वे वहां जाएं और जो नहीं जा सकते, वे यात्रा में उनके साथ चलें. उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा पहले से निर्धारित थी, इसलिए वह दिल्ली नहीं जा रहे हैं.

उन्होंने वोट चोरी को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इसका असर नागरिकों के अधिकारों पर पड़ता है.

राजगढ़ में भैंस चोरी का भी उठाया मुद्दा

प्रेस वार्ता में दिग्विजय सिंह ने राजगढ़ में भैंस चोरी की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने दावा किया कि जिले में भैंस चोरी के मामले बढ़ रहे हैं और जिन लोगों की भैंस चोरी हुई हैं, उनमें अधिकतर कांग्रेसी हैं. इस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि चोरी हर जगह बढ़ रही है.

Advertisement

सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा में दिग्विजय सिंह के साथ उनकी धर्मपत्नी अमृता सिंह, पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह, पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी, बापू सिंह तंवर, यात्रा प्रभारी चंदर सिंह सौंधिया, रामचंद्र दांगी सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे. यात्रा का जगह-जगह फूलों से स्वागत किया गया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »