घर के लिए नया बेड, सोफा, अलमारी या डाइनिंग टेबल खरीदते समय ज्यादातर लोग उसके डिजाइन, रंग और कीमत पर ध्यान देते हैं. कई लोग फर्नीचर की मजबूती देखकर भी उसे खरीद लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि फर्नीचर खरीदते वक्त की गई एक छोटी-सी गलती आपके हजारों रुपये बर्बाद कर सकती है? दरअसल, कुछ तरह की लकड़ियों पर दीमक बहुत ही आसानी से अटैक कर देती हैं. एक बार दीमक लगने के बाद ये धीरे-धीरे लकड़ी को अंदर से खोखला करने लगती है. ऐसे में बाहर से ठीक दिखने वाला फर्नीचर भी अंदर से कमजोर हो सकता है.
खास बात ये है कि दीमक सिर्फ पुरानी या सस्ती लकड़ी को ही नुकसान नहीं पहुंचाती. लकड़ी की किस्म, उसमें मौजूद नमी और फर्नीचर को रखने की जगह भी दीमक के हमले का खतरा बढ़ा सकती है. अगर आप भी अपने घर के लिए फर्नीचर खरीदने जा रहे हैं, तो पहले जान लीजिए कि किन 5 तरह की लकड़ियों से बने फर्नीचर में दीमक लगने का खतरा सबसे ज्यादा हो सकता है और खरीदारी करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
1. पाइन की लकड़ी का फर्नीचर: पाइन एक हल्की और नरम लकड़ी है, जिसका इस्तेमाल फर्नीचर बनाने में होता है. इस पर दीमक हमला कर सकती है, खासकर जब लकड़ी में नमी हो. इसलिए पाइन का फर्नीचर खरीदते समय उसकी क्वालिटी और दीमक से फर्नीचर को बचाने के लिए किए गए ट्रीटमेंट के बारे में अच्छे से पता कर लें.
2. फर की लकड़ी पर भी लग सकती है दीमक: फर भी सॉफ्टवुड की कैटेगरी में आती है और दीमक इसे नुकसान पहुंचा सकती है. अगर इससे बना फर्नीचर सीलन या नमी वाली जगह पर रखा जाए, तो खतरा बढ़ सकता है. इसलिए खरीदते समय लकड़ी के ट्रीटमेंट के बारे में पूछें और इसे गीली दीवारों से दूर रखें.
3. स्प्रूस की लकड़ी भी हो सकती है निशाना: स्प्रूस हल्की और नरम लकड़ी होती है, जिसका इस्तेमाल कई तरह के सामान बनाने में किया जाता है. इस लकड़ी में भी दीमक लग सकती है. इसलिए फर्नीचर खरीदते समय सिर्फ उसकी चमक और पॉलिश न देखें, बल्कि ये भी पता करें कि लकड़ी को दीमक से बचाने के लिए ट्रीटमेंट किया गया है या नहीं.
4. प्लाईवुड का फर्नीचर भी नहीं है पूरी तरह सुरक्षित: प्लाईवुड का फर्नीचर सस्ता तो मिलता है, लेकिन इसमें भी दीमक लग सकती है. इसका फर्नीचर प्लाईवुड की कई परतों को जोड़कर बनाया जाता है और इसमें भी दीमक लग सकती है. लकड़ी की मजबूती, उस पर किए गए ट्रीटमेंट और आसपास नमी होने से उसके खराब होने का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए बेड, अलमारी या किचन कैबिनेट खरीदते समय प्लाईवुड की ग्रेड और दीमक से बचाव के उपायों के बारे में जरूर पूछें.
5. पार्टिकल बोर्ड के फर्नीचर: पार्टिकल बोर्ड लकड़ी के छोटे टुकड़ों को जोड़कर बनाया जाता है. इसका इस्तेमाल बजट फ्रेंडली फर्नीचर में होता है. अगर इसके किनारों से नमी अंदर पहुंच जाए, तो बोर्ड कमजोर हो सकता है और दीमक भी नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए फर्नीचर खरीदते समय किनारों की फिनिशिंग और नमी से बचाव पर ध्यान दें.
क्या सागौन की लकड़ी में नहीं लगती दीमक?
सागौन यानी टीक की लकड़ी मजबूत होती है और इसमें दीमक लगने का खतरा भी कुछ कम हो सकता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि इसमें कभी दीमक नहीं लगेगी. इसलिए सागौन का फर्नीचर खरीदते समय ये जरूर देख लें कि लकड़ी असली है भी या नहीं. ये भी पता करें कि उसे दीमक से बचाने के लिए कोई ट्रीटमेंट किया गया है या नहीं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क