गर्मी के मौसम में एयर कूलर जहां राहत की ठंडी हवा देता है, वहीं बारिश यानी मॉनसून का मौसम आते ही यही कूलर आफत बनने लगता है. मॉनसून में हवा में नमी का स्तर पहले से ही बहुत अधिक होता है. ऐसे में जब हम कूलर का वाटर पंप चलाकर हवा में और ज्यादा नमी मिलाते हैं तो कमरा ठंडा होने के बजाय किसी भाप वाले कमरे जैसा चिपचिपा और घुटन भरा हो जाता है.
अगर आपके घर में एसी नहीं है और बारिश के दिनों में आप कूलर की उमस से परेशान हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. कुछ आसान और स्मार्ट कूलर हैक्स की मदद से आप मॉनसून में भी बिना चिपचिपाहट के सूखी और ठंडी हवा का आनंद ले सकते हैं. आइए जानते हैं ये आसान उपाय.
बारिश में कूलर से चिपचिपाहट दूर करने की आसान ट्रिक्स
वाटर पंप को बंद रखें: मॉनसून में हवा में पर्याप्त नमी होती है, इसलिए कूलर का पानी का पंप बंद कर दें और केवल फैन चलाएं. सूखी हवा कमरे के मॉइस्चर को सुखाएगी और आपको चिपचिपाहट से तुरंत राहत मिलेगी.
खिड़की-दरवाजे खुले रखें: कूलर का मूल सिद्धांत वेंटिलेशन पर काम करता है. बारिश में जिस कमरे में कूलर चल रहा हो, उसकी पीछे या सामने वाली खिड़की पूरी तरह खुली रखें ताकि अंदर की नम हवा बाहर निकल सके और उमस न बने.
पानी में बर्फ के टुकड़े डालें: अगर गर्मी ज्यादा लग रही है, तो टैंक में पानी भरने के बजाय सूखे टैंक में बर्फ की सिल्ली या आइस क्यूब्स डाल दें और पंप चालू करें. इससे नमी कम फैलेगी और हवा बेहद ठंडी आएगी.
कूलर पैड्स की सफाई करें: बारिश के मौसम में कूलर की घास या हनीकॉम्ब पैड में फफूंद और बदबू जमने लगती है, जिससे उमस बढ़ती है. पैड्स को समय-समय पर डिटॉल या सिरके वाले पानी से धोकर सुखाएं.
कूलर के पानी में डालें फिटकरी: मॉनसून में कूलर के टैंक में जमी गंदगी और पानी का भारीपन उमस व बदबू को बढ़ाता है. कूलर के टैंक में 1 छोटा टुकड़ा फिटकरी डाल दें. फिटकरी पानी की अशुद्धियों को नीचे बैठा देती है और पानी को शुद्ध व हल्का बनाती है. इससे कूलर से आने वाली हवा की चिपचिपाहट काफी हद तक कम हो जाती है और सीलन की बदबू भी गायब हो जाती है.
कमरे में कपूर या बेकिंग सोडा रखें: कमरे के कोनों में थोड़ा सा बेकिंग सोडा या कपूर रख दें. यह वातावरण में मौजूद अतिरिक्त नमी और सीलन की बदबू को सोखने में मदद करता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क