घर का फर्श रोज साफ होता है, बाथरूम की टाइलों पर भी पानी डालकर सफाई की जाती है, लेकिन क्या आपने गौर किया है कि कुछ समय बाद टाइलों के बीच की पतली लाइनें काली पड़ने लगती हैं? कई बार फर्श चमकता रहता है, लेकिन इन काली लाइनों की वजह से पूरा घर गंदा नजर आने लगता है. इन्हें साफ करने के लिए लोग बार-बार पोछा लगाते हैं, महंगे क्लीनर खरीदते हैं और घंटों रगड़ते भी हैं, फिर भी मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता है.
दरअसल, टाइलों के बीच भरी जाने वाली ग्राउटिंग की जगह पर नमी, साबुन के कण, धूल-मिट्टी और फफूंद जमा होने से इसका रंग बदल सकता है. खासकर बाथरूम, किचन और ऐसी जगहों पर जहां पानी बार-बार गिरता है, ये समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. अच्छी बात ये है कि सही तरीके से सफाई करके और कुछ छोटी आदतें बदलकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है. आइए जानते हैं टाइलों के बीच की लाइनें काली क्यों पड़ती हैं और इन्हें साफ करने के लिए क्या करना चाहिए.
टाइलों के बीच की लाइनें आखिर काली क्यों पड़ जाती हैं?
1. लगातार नमी बनी रहना: बाथरूम या किचन में टाइलों के बीच पानी जमा रहने से वहां गंदगी चिपकने लगती है. लंबे समय तक नमी रहने पर फफूंद भी पनप सकती है, जिससे ग्राउटिंग का रंग काला पड़ने लगता है.
2. साबुन और शैंपू की परत जमना: नहाते समय साबुन और शैंपू की चिपचिपी परत टाइलों के बीच जमने लगती है. समय के साथ इन पर धूल और गंदगी चिपकने लगती है, जिससे सफेद ग्राउटिंग भी काली दिखाई देने लगती है.
3. धूल-मिट्टी और चिकनाई जमा होना: किचन में तेल के छींटे और घर के फर्श पर धूल-मिट्टी टाइलों के बीच फंस जाती है. नियमित सफाई न होने पर यह गंदगी जमने लगती है और ग्राउटिंग की लाइनें काली पड़ जाती हैं.
4. फफूंद का बढ़ना: नमी और कम वेंटिलेशन वाली जगहों पर फफूंद पनप सकती है. बाथरूम के कोनों, शॉवर और सिंक के आसपास दिखने वाले काले धब्बे इसकी वजह से हो सकते हैं. बार-बार धब्बे उभरने पर नमी की जांच करना जरूरी है.
5. पुरानी या खराब ग्राउटिंग: समय के साथ ग्राउटिंग घिस सकती है या उसमें दरारें पड़ सकती हैं. ऐसे में गंदगी अंदर तक जम जाती है और सामान्य सफाई से नहीं निकलती. ग्राउट टूटने या पानी रिसने पर उसे रिपेयर करना जरूरी हो सकता है.
टाइलों के बीच की काली लाइनें कैसे साफ करें?
1. पहले सूखी गंदगी हटाएं: सफाई से पहले झाड़ू या वैक्यूम क्लीनर से धूल और बाल हटा दें. इससे गीली सफाई के दौरान गंदगी ग्राउटिंग में नहीं फंसेगी.
2. हल्के क्लीनर का इस्तेमाल करें: नॉर्मल गंदगी हटाने के लिए हल्के साबुन वाले पानी या टाइलों के लिए बने क्लीनर का इस्तेमाल करें. पहले इसे किसी छोटी जगह पर आजमाएं, फिर ब्रश से साफ करके पानी से पोंछ दें.
3. सही ब्रश से रगड़ें: टाइलों के बीच की गंदगी निकालने के लिए ग्राउट क्लीनिंग ब्रश या मुलायम टूथब्रश इस्तेमाल करें. बहुत सख्त ब्रश से रगड़ने से बचें, क्योंकि इससे ग्राउटिंग खराब हो सकती है.
4. फफूंद के साथ नमी भी हटाएं: अगर काली परत फफूंद की वजह से जमी है, तो उसे साफ करने के लिए ऐसा क्लीनर इस्तेमाल करें, जो टाइलों के बीच की जगह के लिए सही हो. बाथरूम में एयर फ्लो बनाए रखें और पानी जमा न होने दें. अगर बार-बार फफूंद जम रही है, तो दीवारों में सीलन या कहीं पानी लीक होने की जांच कराएं.
ध्यान रखें: ब्लीच को सिरका, एसिड, टॉयलेट क्लीनर या अमोनिया के साथ कभी न मिलाएं. इससे जहरीली गैस निकल सकती है. सफाई करते समय दस्ताने पहनें और कमरे में वेंटिलेशन रखें.
इन टिप्स से टाइल्स के बीच की लाइनें नहीं पड़ेंगी काली
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क