चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जब भी कहीं जाते हैं तो उनके साथ एक शख्स हमेशा दिखाई देता है. यहां तक कि जब जिनपिंग विदेश जाते हैं तो भी ये शख्स साथ ही रहता है. हाल ही में जब जिनपिंग अमेरिका गए थे, तब भी ये शख्स उनके साथ था और जब जिनपिंग भारत आए थे, तब भी ये शख्स साथ में नजर आया था. ऐसे में सवाल है कि आखिर ये शख्स है कौन और उसका क्या काम होता है? तो जानते हैं इस शख्स से जुड़ी खास बातें...
अक्सर अक्सर माओवादी सूट में दिखाई देने वाले शख्स चीनी राष्ट्रपति के साथ कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में दिखाई दिया है. साल 2022 में बाली में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन, 2023 में सैन फ्रांसिस्को में आयोजित एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग सम्मेलन और हाल ही में दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जिनपिंग के साथ ये शख्स दिखाी दिया. लंबे समय से शख्स की पहचान की अटकलें लगाई जा रही थीं, जो व्हाइट हाउस में आयोजित हुए राजकीय भोज में खत्म हो गई है.
इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस की ओर से जारी की गई लिस्ट के अनुसार गेस्ट लिस्ट में उनकी पहचान झोउ होंगक्सू के रूप में हुई है. 55 साल के झोउ पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के मेजर जनरल हैं. इसके साथ ही वो केंद्रीय गार्ड ब्यूरो के डायरेक्टर हैं और कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल कार्यालय के डेप्युटी डायरेक्टर भी हैं. अमेरिकी सीक्रेट सर्विस की तरह , सेंट्रल गार्ड ब्यूरो चीन के सिक्योरिटी सिस्टम का एक सीक्रेट हिस्सा है, जो राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है.
झोउ राजकीय भोज में उपस्थित मेहमानों के बीच दिखाई दिए. उन्हें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के पीछे खड़े देखा गया. चीन ने कभी भी सार्वजनिक रूप से झोउ की भूमिका की पुष्टि नहीं की है, जबकि उनकी आधिकारिक जीवनी में भी इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, जीवनी के अनुसार, झोउ का जन्म 1971 में दक्षिण-पश्चिमी शहर चोंगकिंग में हुआ था. उन्होंने पीएलए की तोपखाना अकादमी से पोस्ट ग्रेजुएट की उपाधि प्राप्त की और इससे पहले 14वीं सेना समूह में एक तोपखाना रेजिमेंट की कमान संभाली थी. उन्होंने पूर्व चेंगदू सैन्य क्षेत्र मुख्यालय में सैन्य प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख और उत्तरी थिएटर कमांड ग्राउंड फोर्स के उप चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में भी कार्य किया है.
झोउ ने 2021 में केंद्रीय गार्ड ब्यूरो में अपना पदभार संभाला और 2022 में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के 20वें राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में चुने गए, जो एक ऐतिहासिक राजनीतिक सभा थी, जिसने शी जिनपिंग को अभूतपूर्व तीसरा कार्यकाल देकर उनकी सत्ता को मजबूत किया. उस समय के विशेषज्ञों ने कहा था कि झोउ पारंपरिक सुरक्षा तंत्र के बाहर से नियुक्त किए गए ब्यूरो के पहले प्रमुख थे.
aajtak.in