Toll Tax और Road Tax एक नहीं! कार चलाने वालों को जरूर पता होना चाहिए ये फर्क

Toll Tax और Road Tax को अक्सर लोग एक ही समझ लेते हैं, लेकिन दोनों अलग होते हैं. जानिए टोल टैक्स और रोड टैक्स कब देना पड़ता है और दोनों में क्या फर्क है.

Advertisement
Toll Tax और Road Tax का फर्क समझें. ( PHOTO: ITG) Toll Tax और Road Tax का फर्क समझें. ( PHOTO: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:13 AM IST

अगर आपके पास कार या बाइक है, तो कभी न कभी आपके मन में भी ये सवाल आया होगा कि जब गाड़ी खरीदते समय रोड टैक्स दे चुके हैं, तो हाईवे पर जाते वक्त टोल टैक्स क्यों देना पड़ता है? आखिर दोनों में फर्क क्या है और ये पैसे किस वजह से लिए जाते हैं? दरअसल, रोड टैक्स और टोल टैक्स एक चीज नहीं हैं. दोनों की वसूली का नियम, जगह और मकसद अलग है. आसान भाषा में समझिए कि रोड टैक्स और टोल टैक्स में क्या अंतर है और गाड़ी मालिक को दोनों के बारे में क्या पता होना चाहिए. तो आखिर रोड टैक्स क्या होता है और टोल टैक्स किस चीज का पैसा है? चलिए जानते हैं

Advertisement

पहले समझिए रोड टैक्स क्या होता है
जब आप कोई नई कार, बाइक या दूसरा वाहन खरीदते हैं और उसका रजिस्ट्रेशन कराते हैं, तो आपको रोड टैक्स देना पड़ता है. यह टैक्स आमतौर पर राज्य सरकार के नियमों के हिसाब से लिया जाता है. इस टैक्स का संबंध आपके वाहन के मालिक होने और उसे राज्य में चलाने से होता है. यानी यह किसी एक सड़क पर जाने के लिए नहीं लिया जाता. उदाहरण के लिए, आपने दिल्ली में एक कार खरीदी. वाहन के रजिस्ट्रेशन के दौरान आपको वहां लागू नियमों के अनुसार रोड टैक्स देना पड़ सकता है. इसकी रकम वाहन की कीमत, प्रकार, इंजन क्षमता, ईंधन और राज्य के नियमों जैसी चीजों पर निर्भर कर सकती है. सबसे जरूरी बात यह है कि रोड टैक्स और टोल टैक्स एक ही चीज नहीं हैं.

Advertisement

फिर टोल टैक्स क्या है?
अब बात करते हैं टोल टैक्स की. टोल टैक्स वह शुल्क है जो किसी खास हाईवे, एक्सप्रेस-वे, पुल या दूसरी टोल वाली सड़क का इस्तेमाल करने पर लिया जाता है. मान लीजिए आप अपनी कार से किसी एक्सप्रेसवे पर जा रहे हैं. वहां एक टोल प्लाजा आता है और आपकी गाड़ी के हिसाब से शुल्क लिया जाता है. यही टोल है. यानी आसान शब्दों में समझें तो रोड टैक्स मतलब वाहन रखने और चलाने से जुड़ा राज्य का टैक्स और टोल टैक्स मतलब किसी खास टोल वाली सड़क या इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करने की फीस.

क्या रोड टैक्स देने के बाद टोल नहीं देना पड़ता?
अगर आपने अपनी कार का रोड टैक्स चुका दिया है, तब भी किसी टोल रोड या एक्सप्रेसवे से गुजरने पर आपको टोल देना पड़ सकता है. इसे एक आसान उदाहरण से समझिए. मान लीजिए आपने अपनी कार का रजिस्ट्रेशन कराया और उस समय जरूरी रोड टैक्स चुका दिया. अब आप उसी कार से एक ऐसे एक्सप्रेसवे पर जाते हैं जहां टोल लिया जाता है. वहां आपको अलग से टोल देना होगा. इसका मतलब है कि एक ही वाहन के लिए रोड टैक्स और टोल दोनों का भुगतान हो सकता है.

टोल टैक्स हर सड़क पर क्यों नहीं लगता?
आपने देखा होगा कि शहर की सामान्य सड़कों पर गाड़ी चलाने के लिए हर कुछ किलोमीटर पर टोल नहीं देना पड़ता. ऐसा इसलिए क्योंकि टोल किसी खास सड़क या इंफ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल से जुड़ा होता है. किसी हाईवे, एक्सप्रेस-वे, पुल या दूसरी परियोजना के निर्माण और रखरखाव से जुड़े खर्च की वसूली के लिए टोल लगाया जा सकता है. टोल की दर वाहन के प्रकार और संबंधित सड़क के नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है. यही वजह है कि एक ही यात्रा में अलग-अलग टोल प्लाजा पर अलग शुल्क दिखाई दे सकता है.

Advertisement

रोड टैक्स की रकम हर जगह एक जैसी क्यों नहीं होती?
रोड टैक्स मुख्य रूप से राज्य के नियमों के तहत आता है. इसलिए अलग-अलग राज्यों में इसके नियम और दरें अलग हो सकती हैं. किस वाहन पर कितना टैक्स लगेगा, यह वाहन की कैटेगरी, कीमत, इंजन, ईंधन और अन्य नियमों पर निर्भर कर सकता है. यानी अगर आपने कार खरीदी है तो सिर्फ कार की कीमत देखना काफी नहीं है. रजिस्ट्रेशन के समय लगने वाले टैक्स और दूसरे शुल्क को भी ध्यान में रखना पड़ता है.

अगर आपको अभी भी कन्फ्यूजन है, तो इसे बस एक उदाहरण से याद रखिए. कार खरीदते और रजिस्टर कराते समय राज्य के नियमों के तहत दिया जाने वाला टैक्स रोड टैक्स होता है. वहीं,  किसी खास टोल हाईवे, एक्सप्रेस-वे या पुल से गुजरने पर दिया जाने वाला शुल्क टोल टैक्स होता है. इसलिए अगली बार जब कोई कहे कि रोड टैक्स और टोल टैक्स एक ही चीज है, तो समझ जाइए कि दोनों अलग हैं. रोड टैक्स आपके वाहन के रजिस्ट्रेशन और राज्य में उसके इस्तेमाल से जुड़ा टैक्स है, जबकि टोल किसी खास सड़क या इंफ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल के लिए लिया जाने वाला शुल्क है. दोनों का नाम भले ही सड़क से जुड़ा हो, लेकिन इनका मकसद और भुगतान का तरीका अलग-अलग है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »