Psychology Facts: जो लोग सोशल मीडिया पर कम फोटो डालते हैं, वे कैसे होते हैं?

जो लोग सोशल मीडिया पर कम फोटो पोस्ट करते हैं, उनके पीछे कई वजहें हो सकती हैं. कुछ लोग अपनी  को ज्यादा महत्व देते हैं, कुछ लाइक्स और कमेंट की परवाह नहीं करते, जबकि कुछ लोग सोशल मीडिया के बजाय अपनी असल जिंदगी पर ध्यान देना पसंद करते हैं. कम फोटो पोस्ट करना जरूरी नहीं कि इंट्रोवर्ट या घमंडी होने का संकेत हो.

Advertisement
कम फोटो पोस्ट करना जरूरी नहीं कि इंट्रोवर्ट या घमंडी होने का संकेत हो. ( Photo: ITG) कम फोटो पोस्ट करना जरूरी नहीं कि इंट्रोवर्ट या घमंडी होने का संकेत हो. ( Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:50 PM IST

आज के समय में सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा बन चुका है. लोग अपनी जिंदगी की छोटी-बड़ी बातें, घूमने की तस्वीरें, खाना, दोस्तों के साथ समय और यहां तक कि रोजमर्रा के पलों को भी सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो सोशल मीडिया पर बहुत कम फोटो डालते हैं. कई बार तो उनकी प्रोफाइल पर महीनों तक कोई नई तस्वीर नहीं दिखती.

Advertisement

ऐसे लोगों को देखकर अक्सर मन में सवाल आता है कि आखिर उनकी साइकोलॉजी कैसी होती है?सबसे पहली बात यह समझना जरूरी है कि कम फोटो पोस्ट करना किसी एक खास पर्सनैलिटी का संकेत नहीं है. हर व्यक्ति के पीछे अलग कारण हो सकता है. फिर भी साइकोलॉजी के नजरिए से कुछ खास व्यवहार ऐसे लोगों में अक्सर देखने को मिल सकते हैं.

दिखाने की जरूरत महसूस नहीं होती
साइकोलॉजिस्ट नंदिनी उपाध्याय कहती हैं कि जो लोग कम फोटो शेयर करते हैं, वे अक्सर अपनी जिंदगी को दूसरों की प्रतिक्रिया से जोड़कर नहीं देखते. उन्हें यह जरूरी नहीं लगता कि वे कहां गए, क्या खाया या क्या कर रहे हैं, इसकी जानकारी हर किसी को हो. ऐसे लोग अपनी खुशी को लाइक्स, कमेंट या व्यूज से मापने के बजाय खुद उस पल को जीना पसंद कर सकते हैं. उनके लिए किसी खूबसूरत जगह पर जाना जरूरी नहीं कि उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर भी डाली जाए.

Advertisement

प्राइवेसी को ज्यादा महत्व देना
कुछ लोगों के लिए उनकी निजी जिंदगी बहुत महत्वपूर्ण होती है. वे नहीं चाहते कि उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में हर कोई जानता रहे. इसलिए वे अपनी तस्वीरें, परिवार, रिश्ते या घूमने-फिरने से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर कम शेयर करते हैं. ऐसे लोगों का मानना हो सकता है कि हर चीज को सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं है. उनकी नजर में निजी जिंदगी जितनी निजी रहे, उतना ही अच्छा है. कम फोटो पोस्ट करने वाले कुछ लोग इस बात को लेकर ज्यादा परेशान नहीं होते कि दूसरे उनके बारे में क्या सोचेंगे. उन्हें अपनी फोटो पर कितने लाइक्स आएंगे या लोग उन्हें कितना पसंद करेंगे, इसकी चिंता कम हो सकती है. इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें लोगों की परवाह बिल्कुल नहीं होती. बस वे अपनी सेल्फ-वॉर्थ को सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया से जोड़कर नहीं देखते.

कुछ लोग फोटो पोस्ट करने से पहले काफी सोचते हैं. उन्हें अपनी हर तस्वीर अच्छी लगना जरूरी लगता है. वे किसी भी फोटो को तुरंत अपलोड करने के बजाय सही तस्वीर, सही समय और सही कैप्शन का इंतजार करते हैं. इस वजह से उनकी प्रोफाइल पर कम तस्वीरें दिखाई देती हैं, लेकिन जो तस्वीर होती हैं, वे अक्सर सोच-समझकर शेयर की गई होती हैं. कुछ लोग सोशल मीडिया के बजाय असल जिंदगी को प्राथमिकता देते हैं. ऐसे लोग भी होते हैं जो सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने के बजाय अपने दोस्तों, परिवार, काम या अपने शौक पर ध्यान देना पसंद करते हैं. उनके लिए सामने मौजूद लोगों के साथ समय बिताना, ऑनलाइन लोगों को अपनी जिंदगी दिखाने से ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है.

Advertisement

लेकिन इसे इंट्रोवर्ट होने का पक्का संकेत न समझें
यह मान लेना गलत होगा कि जो व्यक्ति कम फोटो डालता है, वह जरूर इंट्रोवर्ट होगा. कोई व्यक्ति बहुत सोशल और कॉन्फिडेंट हो सकता है, लेकिन फिर भी सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर करना पसंद न करे. इसी तरह ज्यादा फोटो पोस्ट करने का मतलब भी यह नहीं है कि व्यक्ति अटेंशन चाहता है.

सोशल मीडिया इस्तेमाल करने का तरीका हर इंसान के लिए अलग होता है. इसलिए अगली बार अगर आपको कोई ऐसा व्यक्ति दिखे जिसकी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर बहुत कम तस्वीरें हों, तो उसे तुरंत इंट्रोवर्ट, घमंडी या एंटी-सोशल समझने की जरूरत नहीं है. हो सकता है वह बस अपनी प्राइवेसी को महत्व देता हो, अपनी जिंदगी को निजी रखना पसंद करता हो या सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी को लेकर ज्यादा सेलेक्टिव हो.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »