भारत का पहला गांव बना उत्तराखंड का माणा, पीएम की पहल से डिजिटल टेक्नोलॉजी का हो रहा इस्तेमाल

सीमा सड़क संगठन ने सीमांत गांव माणा के प्रवेश द्वार पर देश के अंतिम गांव के स्थान पर पहले गांव का साइन बोर्ड लगा दिया है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2022 को माणा में आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि सीमाओं पर बसा हर गांव देश का पहला गांव ही है.

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पहला गांव का लगा साइन बोर्ड पहला गांव का लगा साइन बोर्ड

कमल नयन सिलोड़ी

  • माणा,
  • 25 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 9:06 AM IST

उत्तराखंड के सीमांत गांव माणा के प्रवेश द्वार पर सीमा सड़क संगठन ने पहले गांव का साइन बोर्ड लगा दिया है. बता दें कि 21 अक्टूबर 2022 को माणा में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के अंतिम गांव की बजाय देश का पहला गांव कहे जाने की बात की थी.

उन्होंने कहा था कि सीमाओं पर बसा हर गांव देश का पहला गांव ही है. पहले जिन इलाकों को देश के सीमाओं का अंत मानकर नजरअंदाज किया जाता था, हमने वहां से देश की समृद्धि का आरंभ मानकर शुरू किया. प्रधानमंत्री ने आगे कहा था कि लोग माणा आएं, यहां डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया जा रहा है.

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वाइब्रेंट विजेल कार्यक्रम की शुरुआत- सीएम पुष्कर धामी

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के सीमावर्ती क्षेत्र आज वास्तव में और अधिक जीवंत हो रहे हैं. इसके लिए वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम की शुरूआत की गई है. उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों का विकास करना है. 

साथ ही सहकारी समितियों और गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से एक गांव एक उत्पाद की अवधारणा पर पर्यावरण स्थायी पर्यावरण-कृषि व्यवसायों को विकसित करना है. मुख्यमंत्री पुष्कर ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज कार्य योजनाएं जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों के सहयोग से तैयार की गई हैं. इससे इन क्षेत्रों के उत्पादों जड़ी-बूटियों, सेब, राजमा सहित फसलों के साथ-साथ यहां विकास की संभावनाओं को पंख लगेंगे.

ऊनी वस्त्रों के निर्माण से रोकेंगे लोगों का पलायन

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मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में एक गांव एक उत्पाद योजना के तहत ऊनी वस्त्रों का निर्माण किया जा रहा है. यह योजना सीमांत क्षेत्रों से पलायन को रोकने में मददगार होगी. हमारे सीमांत क्षेत्रवासी देश की सुरक्षा में भी भागीदारी निभा सकेंगे. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कथन है कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा. 

प्रधानमंत्री का यह कथन हमें एक नए उत्साह और ऊर्जा से भर देता है. एक तरफ जहां यह हमें गर्व की अनुभूति कराता है, वहीं दूसरी तरफ यह हमें हमारे कर्तव्यों का भी बोध कराता है. प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप हम राज्य के विकास और कल्याण के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने हेतु संकल्पबद्ध हैं. हमने राज्य को साल 2025 तक हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प का मूल मंत्र अपनाया है.

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