केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा पर दुविधा में BJP, न विरोध कर पा रही, न बचाव 

लखीमपुर हिंसा मामले में आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे की मांग विपक्ष ने तेज कर दी है. विपक्ष के साथ-साथ बीजेपी के अंदर भी अब आवाज उठने लगी है. ऐसे में अजय मिश्रा को लेकर बीजेपी दुविधा में फंसी हुई है, न तो खुलकर विरोध कर पा रही है और न ही केंद्रीय मंत्री के बचाव में उतर रही है. 

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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 11 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 4:38 PM IST
  • अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग तेज
  • न्यायिक हिरासत में है बेटा आशीष मिश्रा
  • अजय मिश्रा पर बीजेपी कशमकश में फंसी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लखीमपुर हिंसा मामले पर विपक्षी दल बीजेपी पर हमलावर है. आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे की मांग विपक्ष ने तेज कर दी है. विपक्ष के साथ-साथ बीजेपी के अंदर भी अब आवाज उठने लगी है. ऐसे में अजय मिश्रा को लेकर बीजेपी दुविधा में फंसी हुई है, न तो  खुलकर विरोध कर पा रही है और न ही केंद्रीय मंत्री के बचाव में उतर रही है. 

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लखीमपुर के तिकुनिया में तीन अक्तूबर को चार किसानों को कार से कुचलने के बाद हुई हिंसा में कुल आठ लोग मरे थे. इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा आरोपी हैं, उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और वे अब कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं. 2022 के चुनाव से ठीक पहले हुए घटना के चलते बीजेपी इस मामले में बैकफुट पर खड़ी नजर आ रही है जबकि विपक्ष आक्रमक रुख अपनाए हुए है. 

स्वतंत्र देव की बीजेपी नेताओं को नसीहत

यूपी बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि जनता के प्यार से नेता बना जाता है. हम फॉर्च्यूनर गाड़ी से किसी को कुचलने नहीं आए हैं. कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा कि आपके व्यवहार से ही वोट मिलेगा. रविवार को अल्पसंख्यक मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि हम नेतागीरी करने आए हैं, किसी को लूटने नहीं आए हैं. फॉर्च्यूनर से किसी को कुचलने नहीं आए हैं. वोट मिलेगा तो आपके व्यवहार से मिलेगा. 

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वरुण गांधी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा

लखीमपुर खीरी मामले को लेकर बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने शुरू से ही मोर्चा खोल रखा है और अपनी सरकार को लगातार निशाने पर ले रहे हैं. लखीमपुर हिंसा के बाद वरुण ने एक वीडियो शेयर कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की थी. साथ ही इस मुद्दे पर योगी सरकार को पत्र लिखा था. वहीं, वरुण गांधी ने रविवार को लखीमपुर हिंसा को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला है. 

वरुण गांधी ने ट्वीट कर कहा कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा को हिंदू बनाम सिख की लड़ाई में बदलने की कोशिश की जा रही है. बीजेपी सांसद ने कहा कि ऐसी कोशिश न केवल अनैतिक और झूठी है बल्कि, उन घावों को फिर से कुरेदना खतरनाक है, जिन्हें ठीक होने में कई पीढ़ी लगी है. उन्होंने कहा कि हमें राष्ट्रीय एकता से ऊपर राजनीतिक लाभ को नहीं रखना चाहिए.  

बीजेपी नेता दुविधा में फंसे हुए नजर आ रहे

बीजेपी के अंदर जिस तरह से आवाज उठने लगी है, उसके चलते अजय मिश्रा को लेकर पार्टी कशमकश में फंसी है. नाम न छापने की शर्त पर बीजेपी के एक बड़े नेता कहते हैं कि जिस तरह से लखीमपुर मामले वीडियो सामने आ रहे हैं और यह साफ दिखाई दे रहा है किसानों को पीछे से गाड़ी से कुचला गया है, जो अब आम किसानों के बीच चर्चा शुरू हो गई. इस घटना का संदेश यह जा रहा है कि जानबूझकर किसानों पर गाड़ी चढ़ाई गई है. 

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वह कहते हैं कि पहले ऐसे लग रहा था कि शायद गाड़ी सवारों के साथ किसी तरह की मारपीट की गई थी. इसके चलते कार चालक का बैलेंस बिगड़ा और एक्सीडेंट हुआ, लेकिन एक के बाद जो वीडियो आ रहे हैं, उसमें साफ दिख रहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से आगे चल रहे किसानों पर पीछे से ये गाड़ी चढ़ाई गई है. ऐसे में इस घटना पर पार्टी की ओर से सफाई देना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि हम लोग कानून व्यवस्था को ही अपना सबसे मुद्दा बना रहे थे. ऐसे में मंत्री का बचाव करना भी मुश्किल हो रहा है. 

यह साफ है कि बीजेपी के भीतर भी एक वर्ग भी मानता है कि मंत्री के बेटे की दबंगई और अजय मिश्रा के पुराने इतिहास की वजह से बीजेपी के काफी छीछालेदर हो रही है. वहीं, आशीष मिश्रा पूछताछ में भी ये साबित नहीं कर पाए कि वो घटना के वक्त दंगल में ही मौजूद थे और घटना के वक्त उनकी लोकेशन को लेकर भी कयासबाजी का दौर जारी है. ऐसे में विपक्ष  जिस तरह से मंत्री अजय मिश्रा को हटाने की मांग कर रहा है, बीजेपी के लिए बचाव करना मुश्किल हो रहा है. 

बीजेपी को मामले की शांत होने का इंतजार

बीजेपी बस इस इंतजार में है कि वक्त के साथ मामला शांत हो. चर्चा ये भी है पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मुद्दे पर प्रदेश भाजपा के बड़े नेताओं से चर्चा कर इसका हल ढूंढना चाहता है. इसी क्रम में स्वतंत्र देव सिंह ,सुनील बंसल और राधामोहन सिंह पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने वाले हैं. 

हालांकि, बीजेपी के भीतर इस बात की चर्चा है कि लखीमपुर घटना में पार्टी के कार्यकर्ताओं की मौत के बाद एक तबके की सहानुभूति भी है. खासकर पार्टी को लगता है ब्राह्मण कार्यकर्ताओं की मौत की वजह से पार्टी फिलहाल कोई बड़ा निर्णय नही लेने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि बीजेपी से ब्राह्मणों की नाराज़गी का मामला अभी भी चर्चा में है. ऐसे में बीजेपी किसी तरह का जोखिमभरा कदम नहीं उठाना चाहती. 

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बीजेपी नेता और मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी लगातार ट्वीट कर विपक्ष पर हमलावर हैं तो सांसद वरुण गांधी भी जिस तरह से घटना को लेकर अपनी ही सरकार को निशाने पर ले रहे हैं. ऐसे बीजेपी के भीतर इस मामले को दुविधा साफ दिखाई दे रही है. 

 

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