तेलंगाना में विपक्ष नेता KCR (के॰ चंद्रशेखर राव) को लेकर सीएम रेवंत रेड्डी के बयान पर सियासत गरमा गई है. अंबरपेट में एक कार्यक्रम के दौरान रेवंत रेड्डी ने KCR से अपनी तुलना को खारिज किया. उन्होंने कहा कि 'गधे पर चाहे जितना रंग पोत दिया जाए, वह कभी घोड़ा नहीं बन सकता'. इसी बात को समझाने के लिए उन्होंने अलग-अलग उदाहरण देते हुए KCR पर निशाना साधा.
अपनी बात समझाने के लिए रेवंत रेड्डी ने सांड और सुअर का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि उनके और KCR के बीच उतना ही फर्क है, जितना एक सांड और सुअर में होता है. इसके बाद उन्होंने चंदन की खुशबू का जिक्र करते हुए कहा कि गधा चंदन की महक नहीं समझ सकता. इस दौरान रेवंत रेड्डी ने KCR को विधानसभा में आकर सरकार के कामकाज पर आमने-सामने बहस करने की चुनौती भी दी. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनके और KCR के बीच तुलना किस बात की हो रही है.
BRS ने निजी हमला बताया
रेवंत रेड्डी के बयान पर BRS विधायक विवेक ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी ने KCR पर निजी हमला किया है. विवेक ने KCR को तेलंगाना के लिए संघर्ष करने वाला नेता बताया. उनका कहना है कि सरकार अपने काम से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय KCR को निशाना बना रही है.
विवेक ने आरोप लगाया कि जब भी सरकार से सवाल पूछे जाते हैं और उसे जवाबदेह ठहराने की बात आती है, तब ऐसे बयानों के जरिए असल मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जाती है. उनके मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की राजनीति की गई हो.
'1,000 दिनों का धोखा' बताया
रेवंत रेड्डी के इस बयान पर BRS विधायक की तरफ से तीखा पलटवार सामने आया है. विवेक ने सरकार पर हमला बोलते हुए मौजूदा शासन को '1,000 दिनों का धोखा और 1,000 जुबान' करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे लोग आज कुछ कहते हैं और कल अपनी ही बात से पलट जाते हैं.
विवेक के मुताबिक, जब भी सरकार से जनता के मुद्दों पर जवाब मांगा जाता है, तब जानबूझकर ऐसा विवाद खड़ा कर दिया जाता है, ताकि असल सवालों से ध्यान भटकाया जा सके. उन्होंने दो टूक कहा कि तेलंगाना राज्य के लिए संघर्ष करने वाले KCR पर निजी छींटाकशी करने से सरकार की नाकामियां छुप नहीं जाएंगी, सत्ता में बैठे लोगों को अपने काम और वादों का सीधा हिसाब देना होगा.
वहीं रेवंत रेड्डी का कहना है कि KCR अगर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना चाहते हैं तो विधानसभा में आकर आमने-सामने चर्चा करें. इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी सामने आई है.
अब्दुल बशीर