साइबर फ्रॉड की ट्रेनिंग देने वाला 'गुरु' गिरफ्तार, 400 ठग कर चुका है तैयार... दक्षिणा में ली थी सोने की अंगूठी

हरियाणा के गुरुग्राम में क्राइम यूनिट ने साइबर क्राइम के मास्टर माइंड सहित 4 युवकों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार मास्टर माइंड गुरु के नाम से मशहूर है. उसका असली नाम योगेश मीणा है. वह राजस्थान के बूंदी का रहने वाला है. इतना ही नहीं मास्टरमाइंड ने अब तक 400 से ज्यादा युवाओं को साइबर फ्रॉड की ट्रेनिंग दी है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

नीरज वशिष्ठ

  • गुरुग्राम,
  • 19 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 6:45 PM IST

जामताड़ा की तर्ज पर साइबर ठगी (Cyber fraud) की ट्रेनिंग देकर युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेलने वाले मास्टर माइंड योगेश मीणा को गुरुग्राम साइबर क्राइम यूनिट ने गिरफ्तार कर लिया है. योगेश गुरु नाम से जाना जाता है. योगेश के अलावा उसके और चार सहयोगी भी पकड़े गए हैं. इसमें एक नाबालिग भी है.इन लोगों ने अब तक 400 लोगों को साइबर फ्रॉड की ट्रेनिंग दी है. सभी कहीं न कहीं आज साइबर क्राइम को अंजाम दे रहे हैं.

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मिली जानकारी के अनुसार साइबर क्राइम (Cyber crime) यूनिट मानेसर ने साइबर ठगी की ट्रेनिंग देने वाले मास्टरमाइंड योगेश मीणा सहित 4 आरोपियों को राजस्थान के बूंदी जिला स्थित बाबाई से गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान दयाराम उर्फ दियाराम मीणा, योगेश मीणा व विकास मीणा के रूप में हुई.  योगेश के खिलाफ राजिस्थान में आर्म्स एक्ट के तहत एक केस दर्ज है.  पुलिस टीम द्वारा आरोपियों से 82 हजार रुपये कैश, 1 सोने की अंगूठी और चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. 

लोगों को देता था साइबर ठगी की ट्रेनिंग  

डीसीपी साउथ सिद्धार्थ जैन के अनुसार साइबर क्राइम यूनिट की टीम ने जब आरोपियो से पूछताछ शुरू की तो मालूम चला कि योगेश मीणा अपने आसपास के गांव के लोगों को निवेश के नाम पर ठगी करने के लिए ट्रेनिंग देता था.टेलीग्राम, मैसेंजर व अन्य सोशल मीडिया एप के माध्यम से साइबर अपराध करने के तरीके सिखाता था. योगेश मीणा अब तक सैकड़ों लोगों को साइबर ठगी करने की ट्रेनिंग दे चुका है.

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साइबर ठगी की ट्रेनिंग लेने के एवज में दी सोने की अंगूठी 

वहीं दयाराम, विकास व नाबालिक आरोपी को भी योगेश मीणा ही ठगी करने की ट्रेनिंग दी थी. दयाराम ने ठगी की ट्रेनिंग लेने की एवज में योगेश को सोने की अंगूठी दी थी. योगेश व दयाराम लगभग 1 वर्ष से ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था. दयाराम अब तक करीब 25-30 लोगों के साथ ठगी को अंजाम दे चुका है. वहीं विकास 10-12 लोगों के साथ ठगी कर चुका है और नाबालिग आरोपी भी अब तक 3 से 4 लोगों के साथ ठगी कर चुका है.

इन्वेस्टमेंट के नाम पर करता था ठगी

डीसीपी साउथ सिद्धार्थ जैन के अनुसार  27 सितंबर 2023 को एक व्यक्ति ने थाना साइबर क्राइम यूनिट मानेसर में शिकायत की थी कि एक व्यक्ति ने टेलीग्राम पर उसे अधिक रिटर्न देने की बात कही.  इस पर उसने इन्वेस्टमेंट के नाम पर फोनपे के माध्यम से लगभग 1 लाख रुपया बताए गए खाते में डाल दिया. कुछ समय बाद उसे मालूम चला कि उसके साथ ठगी की गई है. इसी मामले की जांच में पुलिस योगेश तक पहुंची.

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