पंजाब में 2500 सरकारी कर्मचारियों पर एक्शन की तैयारी, बिना इजाजत हड़ताल में हुए थे शामिल

27 अगस्त को पंजाब में हुई हड़ताल में बिना अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले करीब 2500 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पंजाब सरकार ने सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करें कर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करें.

Advertisement
चंडीगढ़ पुलिस ने 7 अगस्त को प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया था.(File Photo: PTI) चंडीगढ़ पुलिस ने 7 अगस्त को प्रदर्शनकारियों पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया था.(File Photo: PTI)

असीम बस्सी

  • चंड़ीगढ़,
  • 29 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:53 PM IST

पंजाब सरकार ने 27 अगस्त की हड़ताल के दौरान बिना अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. सरकार ने सभी विभागों के प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए. इसके साथ ही उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए.

सूत्रों के अनुसार, राज्य में करीब 2500 कर्मचारी ऐसे पाए गए हैं, जो 27 अगस्त को बिना अनुमति के ड्यूटी से गैरहाजिर थे. सरकार अब इन कर्मचारियों की जानकारी जुटा रही है. विभागों से गैरहाजिर कर्मचारियों की सूची तैयार करने को कहा गया है. इसके बाद संबंधित कर्मचारियों को नोटिस भेजे जाएंगे.

Advertisement

27 अगस्त को कर्मचारियों ने किया था प्रदर्शन

पंजाब सरकार के बड़ी संख्या में कर्मचारी 27 अगस्त को काम से दूर रहे थे. कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था. कई कर्मचारी छुट्टी लेकर आंदोलन में शामिल हुए थे. कर्मचारियों का कहना था कि सरकार लंबे समय से उनकी प्रमुख मांगों पर फैसला नहीं ले रही है.

दरअसल, सरकारी कर्मचारियों का यह आंदोलन कई मांगों को लेकर था. कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग लंबित महंगाई भत्ते यानी DA को जारी करना है. कर्मचारियों का कहना है कि उनका महंगाई भत्ता लंबे समय से लंबित है. वे चाहते हैं कि सरकार जल्द इसका पेमेंट करे.

यह भी पढ़ें: बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज पड़ा भारी, पंजाब सरकार ने DSP को किया सस्पेंड... आखिर ऐसा क्या हुआ था?

पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग

Advertisement

कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करने की मांग भी कर रहे हैं. उनका कहना है कि पुरानी पेंशन योजना से कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद अधिक सुरक्षा मिलती है. कर्मचारी चाहते हैं कि सरकार इस योजना को फिर से लागू करे.

इसके अलावा अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी आंदोलन का अहम हिस्सा है. कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से अस्थायी आधार पर काम कर रहे लोगों को स्थायी किया जाना चाहिए. उनका आरोप है कि इन कर्मचारियों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

27 अगस्त के आंदोलन के बाद अब सरकार ने गैरहाजिर कर्मचारियों पर कार्रवाई का फैसला लिया है. विभागीय प्रमुखों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं. कर्मचारियों से उनकी गैरहाजिरी को लेकर जवाब मांगा जाएगा. अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

यह भी पढ़ें: '...नहीं तो निहंग सिंह भेज देंगे', अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को क्यों दी चेतावनी?

सरकार की इस कार्रवाई से कर्मचारियों और सरकार के बीच तनाव बढ़ सकता है. कर्मचारी पहले ही अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. अब गैरहाजिरी को लेकर कार्रवाई शुरू होने से कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है.

Advertisement

फिलहाल करीब 2500 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई है. आने वाले दिनों में विभागों की ओर से जारी होने वाले नोटिस और कर्मचारियों के जवाब के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »