2 बसें, 120 सांसद और गांधी स्मृति तक कूच... छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी की 'गांधीगिरी'

राहुल गांधी के 5, सुनेहरी बाग रोड स्थित आवास पर विपक्षी नेताओं का गुरुवार सुबह से ही जमावड़ा शुरू हो गया था. इस दौरान राहुल के आवास पर बसें भी बुलाई गईं, जिससे देर शाम तक सस्पेंस बना रहा. जब खड़गे से बैठक का कारण पूछा गया तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, 'साहब ने चाय के लिए बुलाया था, इसलिए चाय पीने आया हूं.'

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राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद बस में सवार होकर गांधी स्मृति पहुंचे (Photo- PTI) राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसद बस में सवार होकर गांधी स्मृति पहुंचे (Photo- PTI)

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:05 PM IST

NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक को लेकर मचे घमासान के बीच दिल्ली की सड़कों पर गुरुवार को भारी सियासी ड्रामा देखने को मिला. संसद से लेकर सड़क तक छात्रों के समर्थन में उतरे INDIA गठबंधन ने अनोखी 'गांधीगिरी' का रास्ता अपनाया. हाथ में संविधान की कॉपी लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास पर 120 से अधिक विपक्षी सांसद एकत्र हुए और दो बसों में सवार होकर गांधी स्मृति की ओर निकले. 

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हालांकि, रास्ते में दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने बैरिकेडिंग कर बसों को रोक दिया, जिससे काफी देर तक हाई-वॉल्टेज ड्रामा चलता रहा. बाद में अनुमति मिलने पर सभी नेताओं ने गांधी स्मृति पहुंचकर राष्ट्रगीत गाया और सरकार को घेरा.

दरअसल, गुरुवार सुबह से ही राहुल गांधी के 5, सुनेहरी बाग रोड स्थित आवास पर विपक्षी नेताओं का जमावड़ा शुरू हो गया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जयराम रमेश, प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा टीएमसी की महुआ मोइत्रा, शिवसेना (UBT) के अरविंद सावंत, एनसीपी (शरद पवार) की सुप्रिया सुले, आरजेडी की मीसा भारती, समाजवादी पार्टी के रामजी लाल सुमन और सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास समेत 120 से ज्यादा सांसद पहुंचे. 

इस दौरान राहुल के आवास पर बसें भी बुलाई गईं, जिससे देर शाम तक सस्पेंस बना रहा. जब खड़गे से बैठक का कारण पूछा गया तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, 'साहब ने चाय के लिए बुलाया था, इसलिए चाय पीने आया हूं.'

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कुछ देर बाद सभी सांसद दो बसों में सवार होकर 30 जनवरी मार्ग के लिए रवाना हुए, कांग्रेस नेताओं के हाथों में पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से जुड़े पोस्टर और तख्तियां थीं. कूच के दौरान कई नेताओं ने अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलाकर विरोध दर्ज कराया. लेकिन महज कुछ ही दूरी पर दिल्ली पुलिस ने सफेद बस और भारी बैरिकेड्स लगाकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया. 

मौके पर अर्धसैनिक बलों और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती कर दी गई. पुलिस की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला दिया गया. इस दौरान प्रियंका गांधी खुद बस की ड्राइवर सीट के पास जाकर पुलिस अधिकारियों से बातचीत करती नजर आईं, जबकि राहुल गांधी बस के अंदर से हालात का जायजा लेते रहे. 

पूरा विपक्ष छात्रों के साथ: राहुल गांधी

सड़क पर रोके जाने के दौरान राहुल गांधी ने कहा, 'हमारे छात्र सड़कों पर हैं और पुलिस की लाठियां खा रहे हैं, इसलिए विपक्ष के सभी सांसदों को लगा कि हमें भी सड़कों पर उतरना चाहिए. संदेश साफ है भारत के छात्र अकेले नहीं हैं, पूरा विपक्ष उनके साथ खड़ा है.'

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कुछ देर तक चले गतिरोध के बाद पुलिस ने बैरिकेड हटा दिए और विपक्षी सांसदों के काफिले को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी. इसके बाद राहुल गांधी का काफिला धीमी गति से मध्य दिल्ली से होते हुए गांधी स्मृति की ओर बढ़ा. पूरे रास्ते सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही.

गांधी स्मृति पहुंचने के बाद राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रगान गाया. राहुल गांधी ने इस दौरान केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या इसी जगह हुई थी और आज मोदी सरकार भारत में लोकतंत्र की हत्या कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर अत्याचार किया जा रहा है और उन्हें पीटा जा रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष छात्रों के साथ खड़ा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर छात्रों से माफी मांगनी चाहिए.

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राहुल ने एक्स पोस्ट कर कूच का उद्देश्य बताया

राहुल गांधी ने इससे पहले एक्स पर पोस्ट कर कूच का उद्देश्य भी बताया था. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से गांधी स्मृति जा रहे हैं. वे उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं, जिन्हें उन्होंने खो दिया और जो NEET पेपर लीक के बाद कथित तौर पर अपनी जान देने के लिए मजबूर हुए. साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष उन छात्रों के साथ खड़ा है, जो न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने के दौरान घायल हुए हैं. राहुल ने कहा, 'भारत के छात्र अकेले नहीं हैं. पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है.'

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प्रियंका ने भी सरकार पर साधा निशाना

प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस देश में महात्मा गांधी और किसानों ने बिना किसी को नुकसान पहुंचाए आंदोलन किए, वहां आज अपने अधिकार और न्याय की मांग कर रहे बच्चों को पीटा जा रहा है. उन्होंने कहा कि छात्रों के परीक्षा पेपर लीक हो रहे हैं और वे अपने अधिकार और न्याय की मांग कर रहे हैं.

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखा हमला बोला. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'राहुल गांधी के घर पर एक और ड्रामेबाजी चल रही है. बसें आ रही हैं और सांसद पहुंच रहे हैं. वे जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों से जनता का ध्यान भटकाने का नाटक कर रहे हैं.'

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