धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से AAP पर बढ़ा प्रेशर, आंदोलन के मूड में विपक्ष... पंजाब में क्या 2 मंत्री देंगे इस्तीफा?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब की भगवंत मान सरकार पर विपक्षी दलों का चौतरफा हमला शुरू हो गया है. कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब में हुए कथित पेपर लीक मामलों के आधार पर भगवंत मान सरकार को घेरा है.

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल. (Photo: PTI) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल. (Photo: PTI)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 26 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:09 AM IST

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे दिए जाने का असर अब पंजाब की राजनीति पर साफ तौर पर दिखने लगा है. पेपर लीक और परीक्षा विवादों के बाद धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने का उदाहरण को सामने रखते हुए, विपक्षी दलों ने पंजाब की भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पंजाब के दो मंत्रियों के खिलाफ सियासी माहौल गर्मा गया है. 

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कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल समेत बीजेपी ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है. इस्तीफे की मांग इसलिए तेज हो गई है, क्योंकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से विपक्षी दलों को पंजाब सरकार को घेरने का एक बड़ा राजनीतिक और नैतिक आधार मिल गया है. 

पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत पहले से गर्म है. अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने विपक्षी दलों को एक मौका दे दिया है कि जब केंद्र सरकार अपने मंत्री को हटा सकती है तो पंजाब सरकार क्यों नहीं? ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हरजोत सिंह बैंस भी अपनी कुर्सी छोड़ेंगे, क्योंकि दिल्ली के जंतर-मंतर की तरह ही पंजाब में भी आवाज उठने लगी है?.

पंजाब में 4 पेपर लीक, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा

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पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए युवाओं के संघर्ष की जीत बताया. इसके साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में मांग की कि जिस तरह राष्ट्रीय स्तर पर पेपर लीक के लिए जवाबदेही तय हुई है, ठीक उसी तरह पंजाब में भी मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए. 

राजा वडिंग ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल के दौरान पंजाब में फार्मेसी भर्ती परीक्षा, कक्षा 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा और ग्रुप-बी के पेपर सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं. इसके अलावा आरोप लगाया कि नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा और बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की ओर से आयोजित फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं. 

उन्होंने कहा कि जब भी युवाओं ने इसके खिलाफ आवाज उठाई, तो भगवंत मान सरकार ने उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय पुलिस से लाठियां चलवाईं. धर्मेंद्र प्रधान जब इस्तीफा दे सकते हैं तो पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वस्थ्य मंत्री क्यों नहीं दे सकते हैं. 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भी याद दिलाया कि आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मनीष सिसोदिया ने एक बार दावा किया था कि अगर पंजाब में परीक्षा के पेपर लीक होते हैं, तो जिम्मेदार मंत्री को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि पंजाब ग्रुप-बी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हुए छह महीने हो चुके हैं. इससे पहले , कक्षा 12 की अंग्रेजी और फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा सहित 4 पेपर लीक हो चुका हैं, लेकिन कोई जांच नहीं हुई और न ही कोई जवाबदेही तय हुई. राजा वडिंग ने कहा कि अगर शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया तो दिल्ली की तरह पंजाब की सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे. 

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केजरीवाल के खिलाफ BJP ने खोला मोर्चा

बीजेपी नेता और दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब में कथित पेपर लीक की घटनाओं को लेकर आम आदमी पार्टी व अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की है. मनजिंदर सिंह सिरसा ने अरविंद केजरीवाल पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में विरोध करने वाले नेता पंजाब के छात्रों के भविष्य पर चुप क्यों हैं.

सिरसा ने पंजाब के शिक्षा मंत्री से भी इस्तीफे की मांग की और पंजाब सरकार से राज्य में कथित पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. साथ की CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को एक वादे की याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि पंजाब में पेपर लीक की घटना होगी तो वो वहां भी आवाज उठाएंगे. समय आ गया है कि ये लोग अपने वादे पर कायम रहें और पंजाब जाकर वहां के युवाओं के लिए भी लड़ाई लड़ें. 

अकाली दल ने भी आम आदमी पार्टी को घेरा

शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब पेपर लीक के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार को घेरा है. अकाली नेताओं का कहना है कि आम आदमी पार्टी विपक्षी दल के रूप में दूसरे राज्यों या केंद्र में पेपर लीक पर तुरंत इस्तीफे की मांग करती है, लेकिन अपने ही राज्य में बार-बार परीक्षा प्रणाली फेल होने पर पूरी तरह चुप्पी साध लेती है.

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अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने परीक्षा तंत्र की विफलता और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के तत्काल इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने कहा कि पंजाब में 4.5 साल में 6 परीक्षा घोटाले हुए जिससे 5 लाख युवा अधर में लटके हुए हैं. सुपर सीएम’ अरविंद केजरीवाल और ‘गुरु-द्रोही’ भगवंत मान इसकी पूरी ज़िम्मेदारी आप पर है! आप पंजाब के युवाओं की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं, आपको नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अपने शिक्षा और स्वास्थ्य, दोनों मंत्रियों को बर्खास्त करना चाहिए.

पंजाब में भगवंत मान सरकार पर बढ़ता दबाव

पंजाब में विधानसभा चुनाव होने है. धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे के बाद पंजाब सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं. वजह यह है कि आम आदमी पार्टी ने पेपर लीक के मुद्दे पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए मोर्चा खोल रखा था. अरविंद केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के तमाम नेता सीजेपी के मंच पर पहुंचकर मोदी सरकार को कठघरे में खड़े करते नजर आए थे. अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद विपक्षी दलों ने पंजाब में हुए पेपर लीक के मुद्दो उठाकर आम आदमी पार्टी पर सियासी दबाव बनाना शुरू 
कर दिया है. 

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बीजेपी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली में छात्र आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, केंद्र सरकार पर हमला बोलते हैं. दिल्ली में छात्रों को प्रदर्शन के लिए उकसाने का करते हैं, इसका राजनीतिक इस्तेमाल करते हैं, वहीं, जब पंजाब में एक के बाद एक पेपर लीक के मामले सामने आते हैं तो यही नेता चुप्पी साध लेते हैं. कांग्रेस ने कहा कि केंद्रीय परिक्षाओं की तरह पंजाब में भी पेपर लीक हुए हैं, लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं. पंजाब सरकार को साफ करना चाहिए कि इन मामलों में अब तक क्या कार्रवाई की गई है?

विपक्षी नेताओं का आरोप है कि 'आम आदमी पार्टी' नेतृत्व केंद्र सरकार या अन्य राज्यों में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर तो आक्रामक रुख अपनाता है और विरोध प्रदर्शनों में शामिल होता है, लेकिन अपने ही राज्य पंजाब में परीक्षा प्रणाली की विफलता पर पूरी तरह चुप रहते हैं. राजा वडिंग का कहना है कि पंजाब के युवाओं का प्रतियोगी परीक्षाओं से भरोसा उठ चुका है और सरकार केवल लीपापोती करने में जुटी है.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब में विपक्ष के आक्रामक तेवर को देखते हुए राज्य की 'आप' सरकार और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस पर नैतिक दबाव काफी बढ़ गया है. इतना ही नहीं सीजेपी पर भी पंजाब में जाकर छात्रों के हक की लड़ाई को इंसाफ दिलाने का दबाव बढ़ रहा है. कांग्रेस और अकाली दल ने सड़क पर उतरकर आम आदमी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. भगवंत सरकार की ओर से अभी तक इस नए राजनीतिक घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में एक बड़ा उबाल ला सकता है.

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