तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, RJD सांसद मनोज झा, आइसा (AISA) अध्यक्ष नेहा, सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण और AISA यूपी अध्यक्ष मनीष कुमार ने दिल्ली में एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की मांग उठाई.
नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाए जा रहे हैं. इसके विरोध में 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नागरिक विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है.
जंतर-मंतर पर 2 अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए AISA अध्यक्ष नेहा ने कहा कि देश के लिए इस समय सबसे गंभीर और जरूरी मुद्दा लोकतंत्र की रक्षा है. लोकतंत्र जनता के भरोसे से लिए जाने वाले फैसलों का संकल्प है. उन्होंने कहा कि वोट हमेशा पवित्र होना चाहिए, लेकिन एसआईआर शुरू होने के बाद से ही जमीनी स्तर पर मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर हटाए जाने की खबरें सामने आई हैं. दिल्ली में आवाजों को दबाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. उन्होंने ऐलान किया कि 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर नागरिक प्रदर्शन होगा, जिसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है.
मनोज झा ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
आरजेडी सांसद मनोज झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार ने चुनावी धांधली और धोखाधड़ी के एक पूरे ढांचे को जन्म दिया है. उन्होंने कहा कि भारत की जनता इस पूरी प्रक्रिया से वाकिफ है और चुनावी ढांचे पर अवैध कब्जे के डर के साए में है.
मनोज झा ने जोर देकर कहा कि ये बात सिर्फ ज्ञानेश कुमार की व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि वो उस हर गलत चीज का प्रतीक बन चुके हैं जो आज देश की चुनाव व्यवस्था में मौजूद है.
13 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने का आरोप
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि देश भर में मतदाता सूची से करीब 13 करोड़ लोगों के नाम काट दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नियमों और कानूनों का खुला उल्लंघन किया है. लोगों के लिए गणना फॉर्म उपलब्ध नहीं कराए गए और नाम हटा दिए गए. भूषण ने दावा किया कि चुनाव आयोग उम्मीद करता है कि 13 करोड़ लोग फॉर्म-6 में झूठा घोषणापत्र दें. अब फॉर्म-6 में माता-पिता की विरासत की जानकारी मांगना पूरी तरह गैरकानूनी है और ये सब सुप्रीम कोर्ट की जानकारी में हुआ है.
सड़कों पर उतरने की अपील
प्रशांत भूषण ने नागरिकों से सड़कों पर आने की अपील की और कहा कि विरोध करना उनका मौलिक अधिकार है. उधर, आइसा के यूपी अध्यक्ष मनीष कुमार ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में चुनाव नजदीक हैं और एसआईआर के बहाने BJP की मदद के लिए लाखों नाम काटे जा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि हालिया दिल्ली प्रदर्शन में सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बर्बरता की थी. जनता का गुस्सा अब इन प्रदर्शनों में दिख रहा है और वह लखनऊ में भी इसका विरोध करेंगे.
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