दिबिसा-अर्चिता-यशस्विनी... BJP नेताओं के बच्चे जिन्होंने Gen-Z आंदोलन में दिखाई धार

पेपर लीक के मुद्दे पर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के बच्चे Gen-Z आंदोलन में शामिल हुए. वे सड़क पर उतरने से लेकर सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोला, जिसे लेकर काफी चर्चा हो रही है. बीजेपी के सांसद से लेकर पूर्व विधायक की बेटी तक शामिल रहीं.

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बीजेपी नेताओं के बेटियों ने Gen-Z आंदोलन को दिया धार (Photo-ITG) बीजेपी नेताओं के बेटियों ने Gen-Z आंदोलन को दिया धार (Photo-ITG)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 27 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:29 AM IST

पेपर लीक के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के अगुवाई में शुरू हुआ आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की बाद खत्म हो गया. दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया है.इस आंदोलन में पारंपरिक राजनीतिक दलों की परिधि से बाहर निकलकर मीडिल क्लास परिवारों के बच्चे और छात्रों ने बढ़-चढ़कर अपनी आवाज बुलंद कर सरकार पर दबाव बनाने में कामयाब रहे. 

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छात्र आंदोलन में बीजेपी और एनडीए से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के बच्चे भी आवाज बुलंद करते नजर आए हैं. असम गण परिषद (एजेपी) के नेता और असम सरकार में एक मंत्री की बेटी छात्र आंदोलन के समर्थन में उतरकर एनडीए सरकार को कठघरे में खड़ा किया. 

ओडिशा बीजेपी के वरिष्ठ सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक की बेटी सोशल मीडिया पर छात्र आंदोलन को धार देती नजर आईं. पेपर लीक के खिलाफ युवाओं के विरोध-प्रदर्शन और बीजेपी नेताओं के बच्चों को उतरने से सरकार पर दबाव बढ़ गया था. इससे साफ जाहिर होता है कि बीजेपी समर्थक भी पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार से नाराज नजर आ रहे थे. 

बीजेपी से जुड़े नेताओं के बच्चे  Gen-Z आंदोलन में उतरे

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के द्वारा चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में 23 जुलाई को गुवाहाटी में सड़क पर उतरकर छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में असम सरकार के मंत्री और एजेपी के नेता केशव महंता की बेटी दिबिसा भी शामिल हुई थी.

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बीजेपी की भुवनेश्वर से सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सारंगी ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर किया, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े का जश्न मनाया जा रहा था.  इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्वी राजे सिंह ने सोशल मीडिया पर पार्टी की आलोचना करती नजर आईं. बीजेपी के जुड़े तीनों नेताओं की बेटियां Gen-Z हैं, यानी उस पीढ़ी से जिनका जन्म लगभग 1997 और 2012 के बीच हुआ. 

असम सरकार के मंत्री की बेटी कैसे आंदोलन से जुड़ी

असम गढ़ परिषद के नेता और हेमंत सरकार में मंत्री केशव महंता की बेटी दिबिसा ने गुवाहटी की सड़कों पर उतरकर बीजेपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. दिबिसा यूके से पढ़ी लिखी हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को छात्रों पर पुलिस एक्शन के खिलाफ सड़क पर उतरी थी. इस दौरान पीएम मोदी के खिलाफ नारा लगाते हुए इंसाफ की मांग करते उन्हें सुना जा सकता है. 

दिबिसा को एक और वीडियो मे यह कहते हुए सुना जा सकता है कि यह बहुत दुखद है और मैं बता नहीं सकती कि जो हिंसा हो रही है, उसे देखकर मुझे कितना बुरा लग रहा है. छात्र शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना चाहते थे, लेकिन मामला हिंसक हो गया. लाठीचार्ज हुआ, आंसू गैस छोड़े गए, सब कुछ हुआ, लेकिन मैं कहना चाहती हूं कि मुझे उन सभी छात्रों पर बहुत गर्व है जो उस दिन वहा आए और अपनी बहादुरी दिखाई, और उन्होंने ही मुझे प्रेरित किया. 

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बीजेपी सांसद और पूर्व विधायक की बेटी के पोस्ट वायरल

ओडिशा से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सारंगी ने इंस्टाग्राम पोस्ट, जिनमें प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया गया है, वायरल हो गए हैं और ऑनलाइन व्यापक चर्चा का विषय बन गए हैं. इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न  मनाते हुए लिखा, मेरा परिवार धर्मेंद्र प्रधान के साथ है, लेकिन मैं छात्रों के साथ हूं.

साथ ही अर्चिता ने कहा कि DP (प्रधान) के PA को, जो पक्का मेरी मां को मैसेज करके मेरी पिछली स्टोरी डिलीट करने के लिए कहेंगे (ऐसा पहले भी हो चुके हैं), परेशान न हों. मैं अपनी पोस्ट डिलीट नहीं करूंगी. जय जगन्नाथ!जय हिंद, पर स्टोरी डिलीट कर दी. 

वहीं, उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीट से दो बार के विधायक रहे विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमएससी किया. यशस्विनी राजे सिंह ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ सोशल मीडिया पर सरकार की अलोचना करने वाले कई पोस्ट को अपने सोशल मीडिया पर रीपोस्ट किया. शनिवार को अपने X अकाउंट पर लिखा, अगर कोई एक बात, जो हम पक्के तौर पर जानते हैं, तो वह यह है कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सबसे ज्यादा बदले की भावना से काम करेंगे. 

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बीजेपी नेता अपने बच्चों के पोस्ट पर अब कैसे दे रहे सफाई

विक्रम सिंह ने अपनी बेटी के उन सोशल मीडिया पोस्ट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिनमें छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के मुद्दे पर सरकार और बीजेपी नेतृत्व की आलोचना की गई थी. इसी तरह असम के मंत्री की बेटी के आंदोलन में शामिल होने पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मेरे बच्चे क्या करते हैं, इसके लिए मैं कैसे जवाबदेह हो सकता हूं? मेरा अपना भाई भी मेरी किसी बात से सहमत नहीं होता. मेरे बच्चे भी मेरी कई बातों से सहमत नहीं होते. 

सरमा ने कहा कि अगर कल मेरा बेटा भी कुछ गलत कह दे तो हैरान मत होइएगा. मेरा बेटा भविष्य में वकील बनेगा और हो सकता है कि वह ऐसे लोगों का पक्ष ले जिन्हें मैं पसंद नहीं करता, जब बच्चे बड़े हो जाते हैं और बालिग हो जाते हैं, तो उनके कामों को उनके माता-पिता से नहीं जोड़कर देखा जाना चाहिए, उसने जो कहा वह गलत था, लेकिन इसके लिए हम उस लड़की से बात करेंगे. हम पिता को क्यों परेशान करेंगे?

बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी ने अपनी बेटी के इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यह अनजाने में किया गया था.वह (अर्चिता) Gen Z की है और उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर स्टोरी पोस्ट की थी, जब मैंने उससे पूछा, तो उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने इसे डिलीट कर दिया.

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