त्यागी ब्राह्मण से अब बने ठाकुर, इस्लाम छोड़ हिंदू धर्म अपनाने वाले वसीम रिजवी ने फिर बदला अपना नाम

शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने 2021 में मुस्लिम धर्म छोड़कर हिन्दू धर्म अपना लिया था और अपना नाम जितेंद्र नारायण त्यागी रखा था. अब उन्होंने अपनी जाति बदल ली है और ब्राह्मण के बाद वे अब ठाकुर बन गए हैं. उन्होंने अपना नाम जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर कर लिया है.

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वसीम रिजवी ने फिर बदला नाम वसीम रिजवी ने फिर बदला नाम

आशीष श्रीवास्तव

  • नई दिल्ली,
  • 01 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:12 AM IST

शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने हिंदू अपनाने के बाद अब अपनी जाति बदल ली है. 2021 में जब उन्होंने धर्म परिवर्तन किया था, तब अपना नाम जितेंद्र नारायण त्यागी रख लिया था. अब उन्होंने अपना नया नाम जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर रख लिया है. अब वह त्यागी ब्राह्मण से ठाकुर बन गए हैं. रिजवी ने अपने एक बयान में कहा था कि उन्हें इस्लाम धर्म से निकाल दिया गया है.

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जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर ने दिवाली की बधाई भी दी है और इसी बधाई के साथ उन्होंने अपना नया नाम भी डाला है. जब वसीम रिजवी ने इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया था, तब वे खासे चर्चा में आए थे.

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जब वसीम रिजवी ने बदला धर्म

उस समय इस्लाम के धर्म गुरुओं ने रिजवी के खिलाफ फतवे भी जारी किए थे. यहां तक परिवार में भी उनके विवाद खड़ा हो गया था. मां और भाई ने भी उनसे नाता तोड़ लिया था. उन पर इस्लाम के धर्म गुरुओं के बारे में अक्सर विवादित बयानबाजी के आरोप लगते रहे हैं.

जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर

वसीम रिजवी (अब जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर) शिया वक्फ सेंट्रल बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं और 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही वे चर्चा में बने हुए हैं. मदरसा शिक्षा को आतंकवाद से जोड़ने और कुतुब मीनार को हटाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के कारण वे चर्चा में आए थे.

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रिजवी ने तब दावा किया कि कुछ शैक्षणिक संस्थान चरमपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा देते हैं, इस बयान के बाद शिया और सुन्नी दोनों समुदाय के लोगों ने उनका पुरजोर विरोध किया था.  उनके विवादास्पद विचारों के जवाब में, शिया और सुन्नी दोनों संप्रदायों के उलेमाओं ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया, जिसको लेकर उन्होंने बाद में दावा किया कि उन्हें इस्लाम से निकाल दिया गया है.

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