'...सवाल ऐसे ही सुनना पड़ेगा', संसद में स्वास्थ्य राज्यमंत्री से क्यों बोले स्पीकर ओम बिरला

संसद के शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन की कार्यवाही भी हंगामे की भेंट चढ़ गई. विपक्ष के हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही चलाने की कोशिश की. प्रश्नकाल के दौरान तो एक समय ऐसा भी हुआ जब मंत्री नारेबाजी के शोर में सवाल ही नहीं सुन सके.

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केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST

संसद में हंगामा शुक्रवार को भी जारी रहा. विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही शुरू कराई. प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न भी पूछा गया. सदन की कार्यवाही स्थगित होने से पहले विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद का सवाल मंत्री सुन ही नहीं पाए. स्पीकर के कहने पर सांसद ने अपना सवाल दोहराया और इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विस्तार से जवाब दिया.

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स्वास्थ्य मंत्री का जवाब पूरा होने के बाद स्पीकर ने विपक्षी सदस्यों से कार्यवाही चलने देने की अपील की लेकिन इसका कोई असर नहीं. स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी. दरअसल, प्रश्नकाल के दौरान कर्नाटक के मैसूर से बीजेपी के सांसद यदुवीर वडियार ने सवाल पूछा. यह सवाल कर्नाटक में पीएम-भीम योजना की प्रगति को लेकर था.

इस सवाल का जवाब देने के लिए स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव अपनी सीट पर खड़े हुए. स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने अपने कान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि सवाल क्या था, सुना नहीं मैंने. स्वास्थ्य राज्यमंत्री हंगामे के शोर में सवाल सुन नहीं पाए थे. राज्यमंत्री ने सवाल फिर से दोहराने का आग्रह किया. इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सवाल ऐसे ही सुनना पड़ेगा.

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स्पीकर ओम बिरला ने बीजेपी सांसद से सवाल फिर पूछने को कहा. यदुवीर ने सवाल दोहराया और उसके बाद स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इसका जवाब दिया. जेपी नड्डा ने बीजेपी सांसद को आश्वस्त किया कि कर्नाटक में इस योजना के तहत जारी कार्य समय पर पूरे किए जाएंगे. जेपी नड्डा का जवाब पूरा होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की.

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उन्होंने विपक्ष के सदस्यों से अपनी सीट पर जाने का आग्रह करते हुए कहा कि आपको भी अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा. विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही. इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, आसन की ओर से यह जानकारी दी गई कि स्थगन प्रस्ताव के किसी भी नोटिस को स्पीकर ने अनुमति नहीं दी है. इसके बाद विपक्षी सदस्य फिर से वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी.

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विपक्ष के हंगामे के बीच पीठासीन दिलीप सैकिया ने सदन की कार्यवाही जारी रखी. स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बेंगलुरु एम्स में एक सदस्य और नेशनल सरोगेसी बोर्ड में दो महिला सदस्यों के मनोनयन का प्रस्ताव पेश किया. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कार्य मंत्रणा समिति का चौथा प्रतिवेदन सदन में प्रस्तुत किया.

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सदन ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, स्वास्थ्य राज्यमंत्री प्रतापराव गणपतिराव जाधव और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से पेश प्रस्ताव पारित कर दिए. आसन की ओर से नियम 377 के तहत जिन सदस्यों को मामले उठाने की अनुमति दी गई है, उसके अनुमोदित पाठ को तुरंत सभा पटल पर रखने के लिए कहा गया. पीठासीन दिलीप सैकिया ने विपक्ष से रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि आप अपनी सीट पर बैठें और सदन चलने दें. पूरा देश देख रहा है.

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उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करना है तो अपनी सीट पर जाकर बैठ जाएं. आसन की ओर से की गई इस अपील का कोई असर नहीं हुआ और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 2 दिसंबर को दिन में 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. 

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