नेपाल-चीन सीमा के पास आई भीषण बाढ़ के बाद सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन से जुड़े 77 तीर्थयात्रियों का अब तक कोई पता नहीं चला है. यह समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहा था. पिछले दो दिनों से इन लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है. समूह में 19 देशों के लोग शामिल हैं.
कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौटते समय यह समूह चीन के ग्यिरोंग में था. इसी दौरान अचानक आई फ्लैश फ्लड ने इलाके को अपनी चपेट में ले लिया. समूह ग्यिरोंग के इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद था, जहां बाढ़ का पानी घुस गया. इस घटना में पूरा इलाका प्रभावित हुआ. सद्गुरु ने भी अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर इस घटना की जानकारी साझा की थी. उनके मुताबिक, नेपाल के तिमुरे में तीन वॉलंटियर भी फंस गए थे.
19 देशों के तीर्थयात्री शामिल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लापता ग्रुप में 19 देशों के नागरिक शामिल हैं. इनकी खोजबीन के लिए भारत, चीन और नेपाल में मौजूद दूतावासों से लगातार संपर्क साधा जा रहा है, साथ ही दोनों देशों के सरकारी विभागों से भी मदद मांगी गई है. बीते दो दिनों से इन 77 श्रद्धालुओं का कोई सुराग नहीं मिल पाया है. ग्राउंड जीरो पर रेस्क्यू टीमें लगातार जुटी हैं, मगर अब तक किसी का कुछ पता नहीं चल सका है..
परिवार कर रहे अपनों के लौटने का इंतजार
ग्रुप की कोऑर्डिनेटर का कहना है कि 77 परिवार अपने अपनों की सलामती की खबर के लिए टकटकी लगाए बैठे हैं, जो उनके लिए बेहद मुश्किल और दर्दनाक घड़ी है.
लापता श्रद्धालुओं में अमेरिका के 22, कनाडा के 12, ऑस्ट्रेलिया के 11 और ब्रिटेन के 9 लोग हैं. इनके अलावा जर्मनी से 4, फ्रांस और नेपाल से 3-3 नागरिक हैं. नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और स्पेन के 2-2 यात्री भी फंसे हुए हैं. वहीं फिनलैंड, हंगरी, इजरायल, लिथुआनिया, फिलीपींस, पुर्तगाल, रूस और दक्षिण अफ्रीका से 1-1 श्रद्धालु शामिल है.
लापता लोगों में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक सुमी अधिकारी भी हैं, जो अकेले मानसरोवर यात्रा पर आई थीं. हादसे के बाद से उनका कोई अता-पता नहीं है. नवलपरासी के अस्पतालों में उनके देवर जीवन अधिकारी लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं. घटना की खबर मिलते ही उनके पति और दोनों बच्चे भी नेपाल पहुंच चुके हैं. पूरा परिवार अब भी उनके सुरक्षित मिलने की आस लगाए बैठा है.
नेपाल पुलिस के मुताबिक, इस बाढ़ में अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2500 लोग लापता बताए गए हैं. बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है. राहत-बचाव टीमें लगातार लापता लोगों की तलाश कर रही हैं.
रोहित कुमार सिंह