रेप केस में गिरफ्तार पूर्व TMC विधायक को भीड़ ने पहनाई जूतों की माला, अंडे-कीचड़ फेंके

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की ट्रेनी डॉक्टर के रेप और मर्डर मामले में पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया गया है. उनके उपर शव के जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने के आरोप लगे है. उत्तर 24 परगना जिले में गिरफ्तारी के बाद भीड़ ने उन्हें पुलिस सुरक्षा के बावजूद हमला किया. उन्हें जूतों की माला पहनाई. उनके उपर अंडे और कीचड़ फेंके.

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पूर्व TMC विधायक पर भीड़ ने अंडे-जूतों से हमला कर दिया. (फोटो-स्क्रीनग्रैब/ITG) पूर्व TMC विधायक पर भीड़ ने अंडे-जूतों से हमला कर दिया. (फोटो-स्क्रीनग्रैब/ITG)

aajtak.in

  • उत्तर 24 परगना,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:00 PM IST

पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज की ट्रेनी डॉक्टर के रेप और मर्डर मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है. शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराने के आरोप में  पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष को गिरफ्तार किया है. इस मामले में उन्हें को जनता के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा है. 

शुक्रवार को जब पुलिस उन्हें पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के खरदाह थाने से कोर्ट ले जा रही थी, तो बाहर खड़ी बेकाबू भीड़ ने उन पर हमला कर दिया. मालूम हो गुरुवार को उन्हें ओडिशा से पुलिस ने गिरफ्तार किया था.

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थाने के बाहर निर्मल घोष पर फेंके गए अंडे और जूते

दरअसल, शुक्रवार को जब पुलिस सुरक्षा घेरे में निर्मल घोष को प्रिजन वैन की तरफ ले जा रही थी, तभी गुस्से से सुलग रही भीड़ ने उन पर लात-घूंसों की बरसात कर दी. सुरक्षा के लिए पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने उनके सिर पर हेलमेट पहना रखा था, फिर भी भीड़ ने उन्हें निशाना बनाया. उग्र भीड़ ने पूर्व विधायक पर जूते, चप्पल, अंडे और कीचड़ तक फेंके. भीड़ ने उन्हें जूतों की माला भी पहनाई.

निर्मल घोष के साथ उनके करीबी सहयोगी और पानिहाटी के पूर्व पार्षद संजीव मुखर्जी को भी इसी तरह के गुस्से का सामना करना पड़ा.

गौरतलब है, मुखर्जी को एक दिन पहले गिरफ्तार किया गया था. उन पर भी आरोप है कि वे डॉक्टर के शव को पोस्टमार्टम के बाद श्मशान घाट ले जाने के दौरान वहां मौजूद थे. जब पुलिस दोनों आरोपियों को बैरकपुर सब-डिवीजनल कोर्ट ले जा रही थी, तो कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों ने भी उन्हें 'चोर-चोर' के नारे के साथ घेरा.

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सामने आए वीडियो में दोनों आरोपियों की सफेद कुर्ते और शर्ट पर कीचड़ और अंडे के दाग साफ देखे जा सकते थे. इस मामले में तीसरा आरोपी, पानिहाटी नगरपालिका का पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ दे, अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर और फरार चल रहा है.

पीड़ित पिता की शिकायत पर हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई मृतका डॉक्टर के पिता की ओर से सोमवार को दर्ज कराई गई एक नई शिकायत के बाद शुरू हुई है. पिता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें आरोप लगाया गया कि निर्मल घोष ने तत्कालीन विधायक होने के नाते अपनी ताकत का इस्तेमाल किया. उन्होंने परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर उनकी बेटी के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाया.

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी रविवार 9 अगस्त को पीड़ित डॉक्टर की दूसरी बरसी पर आयोजित एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बैरकपुर पुलिस कमिश्नर को इस मामले की नए सिरे से जांच करने के सख्त निर्देश दिए थे. इसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया. पुलिस अब कोर्ट से दोनों आरोपियों की 14 दिन की रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि मामले से जुड़े अन्य राज भी सामने आ सके.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 9 अगस्त 2024 की रात ट्रेनी डॉक्टर से रेप और उसका मर्डर कियाा गया. सेमिनार हॉल में ट्रेनी डॉक्टर की अर्धनग्न बॉडी मिली थी. पुलिस ने अगले दिन सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को रेप और मर्डर के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. कोर्ट ने कई सुनवाई के बाद सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को 18 जनवरी 2025 को दोषी करार दिया.

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 20 जनवरी 2025 को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई. इस वीभत्स घटना के बाद कोलकाता सहित पूरे देश में लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन और डॉक्टरों की हड़तालें हुईं थीं.

हालांकि, पीड़ित परिवार का शुरू से आरोप रहा है कि इस अपराध के पीछे एक बड़ा षड्यंत्र था. परिवार का मानना है कि सबूतों को मिटाने के लिए ही पुलिस और नेताओं की मिलीभगत से शव का रात में ही जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कर दिया गया.

यह भी पढ़ें: '7 दिन में न्याय का वादा था, 2 महीने हो गए...' RG कर मामले पर बोलीं पीड़िता की विधायक मां

परिवार का कहना है कि अगर ऐसा न किया जाता, तो दूसरा पोस्टमार्टम होने से रेप और हत्या से जुड़े कई अहम और छुपे हुए सच सामने आ सकते थे. इस नई गिरफ्तारी के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है. विपक्षी नेताओं ने इस मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई है.

मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जांच एजेंसियों को यह भी देखना चाहिए कि क्या पूर्व सीएम ममता बनर्जी के इशारे पर ही यह सब हुआ था, क्योंकि उन्होंने खुद कहा था कि वे घटना के दिन लगातार पार्टी नेताओं और अस्पताल के संपर्क में थीं. फिलहाल, पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले के हर एक पहलू को खंगालने में जुटी है.

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दीपक देबनाथ का इनपुट

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