निर्मल घोष (Nirmal Ghosh) पश्चिम बंगाल के राजनेता हैं. वे टीएमसी के पूर्व विधायक हैं. 11 अगस्त 2026 को आरजी कर पीड़िता की मौत के मामले में गड़बड़ी के लिए उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई और 13 अगस्त को उनको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
निर्मल घोष का राजनीतिक सफर पानीहाटी विधानसभा सीट से जुड़ा रहा है. उन्होंने पहली बार वर्ष 1996 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की और विधायक बने. बाद में वह अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए.
वर्ष 2001 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में पानीहाटी सीट पर फिर जीत हासिल की. वर्ष 2006 के चुनाव में उन्हें सीपीआई एम के गोपाल कृष्ण भट्टाचार्य के हाथों हार का सामना करना पड़ा. हालांकि वर्ष 2011 में उन्होंने पानीहाटी सीट पर दोबारा जीत दर्ज की.
इसके बाद निर्मल घोष ने वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में भी जीत हासिल की. वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वह पांचवीं बार विधायक चुने गए. इस चुनाव में उन्होंने 86,495 वोट हासिल किए और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सनमय बंद्योपाध्याय को 25,177 वोटों के अंतर से हराया. वह पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख राजनीतिक चेहरों में शामिल रहे हैं.
उनका जन्म 1 अगस्त 1949 को हुआ था. वह पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी क्षेत्र से जुड़े हैं. उनके पिता का नाम स्वर्गीय निबारन चंद्र घोष था.
निर्मल घोष ने अपनी उच्च शिक्षा कोलकाता के बंगबासी कॉलेज से प्राप्त की. उन्होंने वर्ष 1975 में बीएससी की डिग्री पूरी की. बंगबासी कॉलेज कलकत्ता विश्वविद्यालय से संबद्ध है. राजनीति में सक्रिय होने से पहले और इसके साथ-साथ वह बिजनेस कंसल्टेंट के रूप में भी कार्य करते रहे हैं.