झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साफ कहा कि वह झारखंड के मुद्दे पर चुप नहीं हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है और किसी भी छात्र के खिलाफ हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता. रांची छात्र आंदोलन को लेकर उनसे लगातार सवाल पूछे जा रहे थे.
राहुल गांधी ने कहा, "झारखंड पर मैं चुप नहीं हूं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैंने बिल्कुल साफ कहा है कि हम अपने छात्रों के खिलाफ किसी भी हिंसा को स्वीकार नहीं करते. मैं खुलकर बोल रहा हूं." उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के उन बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें शाह ने विपक्ष पर संसद नहीं चलने देने का आरोप लगाया था.
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'पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?'
राहुल गांधी ने छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सीधे अमित शाह से जवाब मांगा. उन्होंने पूछा कि छात्रों को पीटने और पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया. राहुल ने कहा कि अगर यह आदेश गृह मंत्री की तरफ से दिया गया था तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अमित शाह के "लेक्चर" या उनके बयान का जवाब देने में दिलचस्पी नहीं रखती. राहुल ने आरोप लगाया कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए और सवाल किया कि आखिर छात्रों पर कार्रवाई का आदेश किसने दिया.
अमित शाह बोले- 'जनता तय करे कौन भाग रहा है'
वहीं अमित शाह ने कहा कि संसद सत्र शुरू होने के बाद से वह लगातार संसद में आ रहे हैं और अपने चैंबर में मौजूद रहते हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष दोनों सदनों को चलने नहीं दे रहा है, इसलिए उनके वहां जाने का सवाल ही नहीं उठता.
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अमित शाह ने कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने विपक्ष से कहा कि वह स्पीकर को अपने सवाल भेजे और चर्चा के लिए समय तय करे. शाह ने कहा कि वह सदन में बैठकर सभी सवाल सुनने और उनका जवाब देने के लिए तैयार हैं.
अमित शाह ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि अब जनता को तय करना है कि कौन भाग रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और विपक्ष को तय करना है कि उसे चर्चा करनी है या हंगामा
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