शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी शमारोह में पहुंचे. यहां प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को पसंद आने वाली भाषा का इस्तेमाल किया. उन्होंने कॉलेज के पूर्व छात्रों (एलुमनाई) का जिक्र Gen-Z स्टाइल में किया.
SRCC में मौजूद युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जिसे छात्र तुरंत समझ सकें. उन्होंने कॉलेज और पूर्व छात्र (एलुमनाई) के बारे में बात करते हुए 'OG' और 'फ्लेक्स' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया.
SRCC के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी ने कॉलेज के पूर्व छात्रों की खूब सराहना की. प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात का जिक्र किया कि कैसे SRCC के पूर्व छात्रों ने कानून, राजनीति, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. Gen Z की भाषा का इस्तेमाल करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'अगर मैं आपकी भाषा में कहूं, तो यहां के पुराने छात्र OGs हैं.'
साथ ही, प्रधानमंत्री ने SRCC के पूर्व छात्रों के साथ काम करने का भी जिक्र किया, जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली और अर्थशास्त्री संजीव सान्याल भी शामिल हैं. पूर्व छात्रों की तारीफ में पीएम मोदी ने, 'धुरंधर न हो लेकिन उन्होंने बहुत धूम मचाई है.'
कॉलेज के 100 वर्षों के सफर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस कॉलेज की शुरुआत दरियागंज में एक छोटी सी जगह से हुई थी और ये एक ऐसा संस्थान बन गया है जिसने कई पीढ़ियों के छात्रों के भविष्य को संवारा है.
पीएम मोदी ने कहा, 'आज भी जब दिल्ली यूनिवर्सिटी में कोई पूछता है कि आप किस कॉलेज से हैं तो बस SRCC नाम ही काफी होता है. SRCC कहना ही अपने आप में एक बड़ी बात है.'
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पीएम मोदी ने अपने 2013 के SRCC दौरे को भी याद किया. उन्होंने कहा कि लोग आज भी उनके उस भाषण को याद करते हैं, और आज भी उसके कुछ हिस्से लोगों की चर्चा में हैं और इसपर असर डाल रहे हैं. उन्होंने अपने उस भाषण को दोहराते हुए ग्लास वाले उदाहरण का फिर से जिक्र किया.
पीएम ने कहा कि वे ग्लास को आधा खाली नहीं बल्कि आधा भरा मानते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि चुनौतियां होने के बावजूद संभावनाओं को देखना बहुत जरूरी है.
प्रधानमंत्री मोदी ने SRCC के पूर्व छात्रों से ग्लोबल इकॉनमी में भारत की भूमिका पर भी बात की. उन्होंने कहा कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता लगातार बढ़ती जा रही है और भारतीय पहले से ही दुनिया की कई बड़ी कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं.
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