'ISIS की तरह सरकार चला रहे हैं सिद्धारमैया...', केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक सीएम पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि, 'सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि श्रीकांत पुजारी के खिलाफ 16 मामले लंबित थे. लेकिन, क्या अब सिद्धारमैया माफी मांगेंगे? जिन्होंने आपको बताया कि 16 मामले लंबित हैं, उसके खिलाफ आप क्या कार्रवाई करेंगे.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 9:07 PM IST

कर्नाटक में हिंदू कार्यकर्ता श्रीकांत पुजारी को कोर्ट से राहत मिलने के बाद भी सियासी बवाल जारी है. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस मामले में सीएम सिद्धारमैया पर निशाना साधा है. प्रह्लाद जोशी का कहना है कि सीएम सिद्धारमैया कर्नाटक सरकार को ISIS की तरह चला रहे हैं. जैसे अफगानिस्तान में तालिबान सरकार चलाता है. बता दें कि 31 साल पुराने मामले में श्रीकांत पुजारी की गिरफ्तारी हुई थी, जिन्हें कोर्ट से राहत मिल गई है और उन्हें सशर्त जमानत मिल गई है. 

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प्रह्लाद जोशी ने कही ये बात
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि, 'सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि श्रीकांत पुजारी के खिलाफ 16 मामले लंबित थे. लेकिन, क्या अब सिद्धारमैया माफी मांगेंगे? जिन्होंने आपको बताया कि 16 मामले लंबित हैं, उसके खिलाफ आप क्या कार्रवाई करेंगे. एक समुदाय को खुश करने के लिए आप किस हद तक एक समुदाय को निशाना बनाने जा रहे हैं? यह तुष्टिकरण का प्रतीक है. सरकार ISIS की तरह चल रही है. जैसे अफगानिस्तान में तालिबान अपनी सरकार चला रहा है. सिद्धारमैया इसी तरह कर्नाटक में अपनी सरकार चला रहे हैं.

श्रीकांत पुजारी को कोर्ट से मिली जमानत
बता दें कि, हुबली के हिंदू कार्यकर्ता श्रीकांत पुजारी को कोर्ट से राहत मिल गई है. अदालत ने श्रीकांत पुजारी को सशर्त जमानत दे दी है. कर्नाटक पुलिस ने 1992 के हुबली दंगा मामले में श्रीकांत पुजारी को गिरफ्तार किया था. उसकी गिरफ्तारी के विरोध में विपक्षी पार्टी बीजेपी ने बुधवार को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था. कोर्ट ने श्रीकांत पुजारी को जमानत देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर सभी सुनवाई तिथियों पर संबंधित न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना होगा. 

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अदालत ने दिए ये आदेश
साथ ही कहा कि याचिकाकर्ता अभियोजन पक्ष के गवाहों को धमकी नहीं देगा और साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा. साथ ही कहा कि वह खुद को समान प्रकृति के किसी भी अपराध में शामिल नहीं करेगा. याचिकाकर्ता पूर्व अनुमति के बिना संबंधित न्यायालय का क्षेत्राधिकार नहीं छोड़ेगा. बता दें कि साल 1992 में बाबरी मस्जिद ढहने के बाद कर्नाटक के हुबली में प्रदर्शन हुए थे. इस हिंसा में 50 साल के कारसेवक श्रीकांत पुजारी को भी आरोपी बनाया गया था. इस मामले में ही 31 साल बाद पुजारी को गिरफ्तार किया गया था. बीजेपी ने इस गिरफ्तारी पर सख्त ऐतराज जताया. साथ ही पुजारी के खिलाफ की गई कार्रवाई को गलत बताया.

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