भारत की पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर मंगलवार को उपचुनाव हुआ. पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर से लेकर तमिलनाडु की मदुरंतकम, धारापुरम और पुडुचेरी की थट्टनचावडी सीट तक वोटरों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया.
पांचों विधानसभा सीटों में सबसे ज्यादा वोटिंग मदुरंतकम में हुई. यहां मतदान का करीब 86.26 फीसदी रहा. वहीं, नंदीग्राम में 80.89 फीसदी वोट पड़े, रेजीनगर में 80.07 फीसदी मतदान हुआ.
वहीं, असम की नगांव लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए वोटिंग मंगलवार शाम 5 बजे खत्म हुई, जिसमें 19.05 लाख मतदाताओं में से करीब 76 प्रतिशत ने अपने वोट का इस्तेमाल किया.
पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनावों में छिटपुट हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और मतदान में गड़बड़ी के आरोप भी लगे. चुनाव आयोग ने बताया कि कुछ छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा. इस बीच, कंप्लेंट मॉनिटरिंग सिस्टम को 37 और नेशनल ग्रीवेंस सर्विस पोर्टल को 60 शिकायतें मिलीं.
रेजीनगर में पुलिस के साथ टकराव के बाद AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर को गिरफ्तार किया गया. वहीं कांग्रेस ने दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में दोबारा मतदान की मांग की है. बता दें, तमिलनाडु की दो विधानसभा सीटों और पुडुचेरी की एक विधानसभा सीट पर 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है.
उपचुनावों को टीवीके और एआईएनआरसी के नेतृत्व वाली मौजूदा गठबंधन सरकारों की लोकप्रियता की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, इस साल अप्रैल में हुए विधानसभा चुनावों की तुलना में तमिलनाडु और पुडुचेरी दोनों में मतदान प्रतिशत में गिरावट देखी गई.
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, तमिलनाडु में मदुरंतकम में 86.26 प्रतिशत और धारापुरम विधानसभा क्षेत्र में 80.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.
इस चुनाव का नतीजा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के प्रति जनता की राय का पैमाना होगा, जिन्होंने चुनावी मैदान में काफी उत्साह दिखाया है. उन्होंने दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में एक-एक जनसभा को संबोधित किया और मदुरंतकम और धारापुरम में रोड शो निकाले.
पुडुचेरी के थट्टनचावडी क्षेत्र में 80.81 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि इस साल अप्रैल में यह 87.20 प्रतिशत था. बता दें मतगणना 9 अक्टूबर को होनी है.
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