बारिश का रौद्र रूप: कहीं नदी का सैलाब, कहीं धंसी सड़कें, UP-बिहार से बंगाल तक हाहाकार

देश के कई हिस्सों में मॉनसून अब राहत से ज्यादा आफत बनता जा रहा है. बिहार में नदियां उफान पर हैं, यूपी में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात हैं.

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तेज बारिश कई राज्यों में लोगों के लिए बनी मुसीबत (Photo: ITG) तेज बारिश कई राज्यों में लोगों के लिए बनी मुसीबत (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:44 PM IST

सितंबर के महीने में हो रही मूसलाधार बारिश से कई राज्यों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं. कहीं नदियां खतरे के निशान की ओर बढ़ रही हैं तो कहीं तेज बहाव सड़कों और घरों के लिए खतरा बन गया है. उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना के उफान से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं. बिहार में पुनपुन और गरखा नदी का पानी गांवों तक पहुंच गया है.

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वहीं उत्तराखंड में नदियों के तेज कटाव से घरों और पेड़ों को खासा नुकसान पहुंच रहा है. बारिश के रौद्र रूप का असर पश्चिम बंगाल के आसनसोल और बांकुड़ा से लेकर हिमाचल प्रदेश तक दिखाई दे रहा है.

पटना में पुनपुन-गरखा का रौद्र रूप

पटना के गौरीचक इलाके में पुनपुन और गरखा नदी का पानी कई गांवों में घुस गया है. कुछ जगहों पर पानी सड़कों के ऊपर से बह रहा है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है.  चंडासी के पास नई सड़क भी पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर कट गई. लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. पानी गांवों की ओर बढ़ने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

वाराणसी से प्रयागराज तक बाढ़ का खतरा

उत्तर प्रदेश में वाराणसी से प्रयागराज तक गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने मुश्किलें पैदा कर दी हैं.  वाराणसी के हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेयर और जिलाधिकारी से फोन पर बात कर जायजा लिया. उन्होंने प्रभावित इलाकों और राहत-बचाव के इंतजामों के बारे में जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ के कारण आम लोगों को कम से कम परेशानी हो.

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चित्रकूट में मंदाकिनी ने तोड़ा 23 साल का रिकॉर्ड

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. नदी 23 साल का रिकॉर्ड तोड़कर उफान पर है. कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

फर्रुखाबाद पहुंचे CM योगी, राहत का किया ऐलान

फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और प्रभावित लोगों से मुलाकात की. उन्होंने 96 बाढ़ पीड़ितों को 1.20 लाख रुपये के चेक दिए. इसके अलावा 66 लोगों को पट्टे की जमीन के प्रमाण पत्र और 1,000 प्रभावित परिवारों को राहत किट बांटी गई.

राहत किट में राशन और रोजमर्रा की जरूरत का सामान शामिल था. सीएम योगी ने बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश भी दिए हैं.सर्वे रिपोर्ट आने के बाद किसानों को आर्थिक मदद देने की बात कही गई है.

फतेहपुर में 3 मौतें, 67 मकान क्षतिग्रस्त

फतेहपुर में करीब 15 दिनों से जारी बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, जहां तीन लोगों की मौत हो चुकी है.प्रशासन के मुताबिक दो मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जा चुका है, जबकि हालिया मामले में जरूरी दस्तावेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद प्रक्रिया पूरी की जाएगी .इसके साथ ही अब तक 67 मकानों के तहस-नहस होने की जानकारी है. इनमें सबसे ज्यादा 50 मकान खागा तहसील में हैं. जबकि बिंदकी में 15 और सदर में 2 मकान प्रभावित हुए हैं.

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उत्तराखंड में कटान से घरों पर मंडराया संकट 

ऊधम सिंह नगर के सितारगंज क्षेत्र में बेगुल नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरा बढ़ गया है. तेज बहाव के साथ नदी का कटाव जारी है और कई घर इसकी चपेट में आ गए हैं.  नदी किनारे बनी झोपड़ियां और पेड़ भी बहाव की चपेट में आए हैं.

हालात बिगड़ने के बाद कई ग्रामीण अपने जरूरी सामान को सुरक्षित जगहों पर ले जाने को मजबूर हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक मौके पर प्रशासन की राहत-बचाव टीम नहीं पहुंची, जिससे मजबूर ग्रामीणों ने खुद बचाव का काम संभाला.

बिहार से बंगाल तक बारिश का असर

बिहार के कई जिलों में नदियों के बढ़ते जलस्तर ने जन-जीवन की रफ्तार धीमी कर दी है. वहीं पश्चिम बंगाल के आसनसोल और बांकुरा में भी भारी बारिश का असर दिखाई दे रहा है. आसनसोल में सड़क धंसने से लोगों के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है. 

मॉनसून की इस मार ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और बंगाल समेत कई राज्यों में लोगों के सामने चुनौतीयां खड़ी कर दी हैं. अब नजर इस बात पर है कि बारिश का दौर कब थमता है और प्रभावित इलाकों में राहत कितनी तेजी से पहुंचती है.

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