यूपी BJP के पूर्व चीफ लक्ष्मीकांत वाजपेयी राज्यसभा में बीजेपी के चीफ व्हिप होंगे

उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है. भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में नया चीफ व्हिप नियुक्त किया है. वह यूपी के बड़े ब्राह्मण चेहरों में से एक हैं.

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लक्ष्मीकांत वाजपेयी (फाइल फोटो) लक्ष्मीकांत वाजपेयी (फाइल फोटो)

हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 15 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 9:23 PM IST
  • बीजेपी के ब्राह्मण चेहरा माने जाते हैं लक्ष्मीकांत वाजपेयी
  • शिवप्रताप शुक्ला का कार्यकाल हुआ खत्म

उत्तर प्रदेश भाजपा के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी दी है. भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में नया चीफ व्हिप नियुक्त किया है. इससे पहले शिवप्रताप शुक्ला बीजेपी के चीफ व्हिप थे. उनका राज्यसभा का कार्यकाल जुलाई में खत्म हो गया था.  

संसदीय मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि लक्ष्मीकांत वाजपेयी को राज्यसभा में बीजेपी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया है. वाजपेयी लगातार चार बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने गए हैं. इस बीच, भाजपा ने पीयूष गोयल को फिर से उच्च सदन में अपना नेता नियुक्त किया है. हालांकि राज्यसभा में मुख्तार अब्बास नकवी के रिटायर होने के बाद बीजेपी के पास उपनेता नहीं है.  

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शिव प्रताप शुक्ल का कार्यकाल खत्म

इससे पहले बीजेपी ने जुलाई 2020 में शिव प्रताप शुक्ल को चीफ व्हिप नियुक्त किया था. शिव प्रताप बीजेपी के दिग्गज नेता माने जाते हैं. वो गोरखपुर से आते हैं और बीजेपी में ब्राह्मणों के एक प्रभावी चेहरे को तौर पर देखे जाते हैं. अब उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद पार्टी ने लक्ष्मीकांत वाजपेयी को ये जिम्मेदारी सौंपी है.

मेरठ के रहने वाले हैं वाजपेयी

लक्ष्मीकांत वाजपेयी यूपी में बड़ा ब्राह्मण चेहरा हैं. उन्हें मई 2022 में ही पार्टी ने उच्च सदन भेजा है. लक्ष्मीकांत वाजपेयी पश्चिमी यूपी के मेरठ के रहने वाले हैं. उनके प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए ही बीजेपी ने 2014 लोकसभा चुनाव में 73 सीटें जीती थीं. उन्होंने मुलायम परिवार की बहू अपर्णा यादव, साढ़ू प्रमोद गुप्ता, रायबरेली की कांग्रेस विधायक अदिति सिंह समेत सपा के कई जैन प्रतिनिधियों को भी पार्टी में शामिल कराया था.  

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क्या होता है चीफ व्हिप का काम

चीफ व्हिप को आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं दी गई है, लेकिन सरकार के संसदीय स्वरूप में उन्हें स्थान देने की लंबी परंपरा रही है. सदन को कुशल रूप से चलाने में व्हिप की महत्वपूर्ण भूमिका है. सत्ता में रहने वाली पार्टी और विपक्षी दल अपना चीफ व्हिप नियुक्त करते हैं. बस शर्त है कि वह सदन का सदस्य होना चाहिए. चीफ व्हिप का पद पार्टी के आंतरिक संगठन के बीच संबंध बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है. इसके अलावा व्हिप संसद में पार्टी का एक महत्वपूर्ण पदाधिकारी भी होता है. 

 

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