लद्दाख की 28 जगहों के नाम अब आधिकारिक, MHA ने नक्शे में किया शामिल

लद्दाख की 28 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक पहचान दी गई है. गृह मंत्रालय ने UT Ladakh से परामर्श के बाद इन नामों को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे में शामिल किया है. इनमें पहाड़, चोटियां, दर्रे, ग्लेशियर, घाटियां, नदियां और झील समेत कई तरह के भू-भाग शामिल हैं.

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लद्दाख की 28 जगहों का नाम अब आधिकारिक नक्शे में शामिल किया गया है. चीन के कब्जे वाले इलाके के पास के क्षेत्र भी इसमें शामिल है. (Photo-ITG) लद्दाख की 28 जगहों का नाम अब आधिकारिक नक्शे में शामिल किया गया है. चीन के कब्जे वाले इलाके के पास के क्षेत्र भी इसमें शामिल है. (Photo-ITG)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:29 PM IST

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख की 28 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक पहचान दी है. इनमें चीन के कब्जे वाले इलाकों में आने वाले क्षेत्र भी शामिल हैं. मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से सलाह के बाद इन 28 नामों को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे में शामिल किया है. 

इन 28 जगहों में पहाड़, चोटियां, दर्रे, ग्लेशियर और घाटियां शामिल हैं. इसके अलावा नदियों, झील और दूसरे भू-भागों को भी इस सूची में जगह दी गई है. सरकार के मुताबिक, इन नामों को मानकीकृत किया गया है. अब इन्हें आधिकारिक नक्शों पर इन्हीं नामों से दिखाया जाएगा.

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लद्दाख के इन स्थानों को मिली पहचान

इस लिस्ट में अतीशा गिरि, कनिष्का पीक और मार्तंड गिरि जैसी चोटियां शामिल हैं. ज़ोरावर पीक को भी आधिकारिक पहचान दी गई है. इसके अलावा रिनचेन ज़ांगपो और साक्याश्री गिरि का नाम भी सूची में है.सशिवा री और महेश्वर री को भी चोटी के तौर पर दर्ज किया गया है. वहीं करुण पीर और द्रक कार्पो को पर्वत के रूप में शामिल किया गया है. जोलमोरी को भी पर्वत की श्रेणी में रखा गया है.

सरकार की लिस्ट में चापचिंगल पास और शाचमिर्क पास जैसे दर्रे शामिल हैं. परपिक और स्कामरी ग्लेशियर को भी आधिकारिक पहचान दी गई है. श्कोर्गा घाटी का नाम भी अब आधिकारिक नक्शे में दर्ज होगा. ब्रांगसा, कुकसेल, देहरा कम्पास, गोगरा और पांगलुंग जैसे भू-भागों को भी सूची में शामिल किया गया है. कुमारायण पॉइंट और शमाल लुंगपा भी इसमें शामिल हैं.

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28 नामों की लिस्ट में गुरु रिनपोछे झील का नाम भी शामिल है. यांगपा नदी को भी आधिकारिक पहचान दी गई है. इसके अलावा हॉट स्प्रिंग को जल निकाय के तौर पर दर्ज किया गया है. मार्पा लोत्सावा री और मिलारेपा कांगरी जैसी चोटियों को भी इस सूची में शामिल किया गया है. इस तरह अलग-अलग तरह की भौगोलिक विशेषताओं को एक साथ आधिकारिक मानचित्र में जगह दी गई है.

सटीक पहचान और जागरूकता पर जोर

गृह मंत्रालय के मुताबिक, इन नामों को आधिकारिक नक्शे में शामिल करने का मकसद इन जगहों की सटीक पहचान सुनिश्चित करना है. इसके साथ ही आम लोगों के बीच इन स्थानों को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी इसका उद्देश्य है.

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अब सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक मानचित्र में इन 28 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को मानकीकृत नामों के साथ दर्शाया जाएगा. इससे इन स्थानों की आधिकारिक पहचान तय होगी और नक्शों में एक समान नाम इस्तेमाल किए जा सकेंगे.
 

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