पंजाब की सुपर डीलक्स बसों की जांच पर केजरीवाल ने उठाए सवाल, प्रियांक कानूनगो ने दिया जवाब

केजरीवाल और NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो के बीच पंजाब की तीर्थयात्रा बसों की जांच को लेकर सोशल मीडिया पर जुबानी जंग छिड़ गई है. केजरीवाल ने NHRC की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल पंजाब की सुपर डीलक्स बसों की जांच क्यों की जा रही है.

Advertisement
पंजाब की तीर्थयात्रा बसों की जांच को लेकर छिड़ी जुबानी जंग. पंजाब की तीर्थयात्रा बसों की जांच को लेकर छिड़ी जुबानी जंग.

अमित भारद्वाज

  • नई दिल्ली,
  • 25 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 12:46 AM IST

आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो के बीच पंजाब की तीर्थयात्रा बसों को लेकर सोशल मीडिया पर जुबानी जंग छिड़ गई है. केजरीवाल ने NHRC की ओर से पंजाब की तीर्थयात्रा के लिए चलने वाली सुपर डीलक्स बसों को लेकर नोटिस जारी किए जाने पर सवाल उठाए. इसके जवाब में प्रियंक कानूनगो ने केजरीवाल पर पलटवार किया और बसों की सुरक्षा को लेकर जांच का हवाला दिया.

Advertisement

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देश की सबसे बड़ी मानवाधिकार संस्था NHRC ने पहली बार बसों की चेकिंग की है. उन्होंने कहा कि ये बसें पंजाब के लोगों, खासकर बुजुर्गों को तीर्थयात्रा कराने के लिए चल रही सुपर डीलक्स बसें हैं.

केजरीवाल ने सवाल उठाया कि इन बसों में ड्राइवर और यात्रियों के बीच पार्टीशन क्यों है. उन्होंने NHRC पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों की जांच की गई या किसी दूसरे राज्य की रोडवेज बसों की जांच की गई. केजरीवाल के मुताबिक, केवल पंजाब की तीर्थयात्रा वाली सुपर डीलक्स बसों की जांच की गई है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया. केजरीवाल ने पूछा कि बुजुर्गों की तीर्थयात्रा रोकने की कोशिश क्यों की जा रही है. उन्होंने कहा कि इससे पंजाब के लोग नाराज होंगे.

Advertisement

प्रियंक कानूनगो ने किया पलटवार

NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने केजरीवाल के बयान पर जवाब देते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि अभी उन्होंने इन बसों को चलाने के लिए लिए जा रहे कमीशन की जांच शुरू नहीं कराई है. उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में देशभर में स्लीपर कोच बसों में आग लगने की कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें लोगों की जान गई है. इन घटनाओं की NHRC ने जांच कराई है. कानूनगो के मुताबिक, जांच के दौरान पुणे की CIRT संस्था ने बताया कि स्लीपर बसों में ड्राइवर और यात्रियों के बीच पार्टीशन होना खतरनाक है और सुरक्षा नियमों के खिलाफ है. उन्होंने एक हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि बस के पीछे आग लगने के बावजूद ड्राइवर को इसकी जानकारी नहीं हो सकी थी.

1000 बसों पर कार्रवाई का दावा

प्रियंक कानूनगो ने कहा कि NHRC पिछले एक साल से ऐसी मानकों के खिलाफ चलने वाली बसों पर कार्रवाई कर रहा है. उनके मुताबिक, देशभर में करीब 1,000 ऐसी बसों को संचालन से हटवाया गया है या उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कराई गई है. उन्होंने पंजाब के परिवहन विभाग के जनवरी 2026 के जवाब का भी जिक्र किया. कानूनगो के अनुसार, विभाग ने अपने जवाब में कहा था कि पंजाब में कोई स्लीपर कोच बस पंजीकृत नहीं है. उन्होंने कहा कि यह जवाब विरोधाभासी है और इसलिए यह पता लगाना जरूरी है कि ऐसी बस कैसे चल रही है.

Advertisement

बसों की सुरक्षा को लेकर जांच की बात

कानूनगो ने कहा कि NHRC ने जांच के लिए लिखा है क्योंकि हर नागरिक की जान महत्वपूर्ण है. उन्होंने केजरीवाल पर आरोप लगाया कि कमीशन के लिए लोगों की सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सुरक्षित बसों में ही लोगों को यात्रा करानी चाहिए. साथ ही चेतावनी दी कि अगर किसी नागरिक की जान को खतरा हुआ तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »