शशि थरूर के राहुल गांधी के Gen Z आउटरीच कार्यक्रम को लेकर दिए गए बयान पर अब पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कांग्रेस नेताओं को सार्वजनिक बयान देते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है, ताकि उनके बयान BJP को राजनीतिक फायदा उठाने का मौका न दें.
वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने थरूर का बयान कुछ मीडिया चैनलों के जरिए ही देखा है और उन्होंने खुद वह बयान नहीं सुना है. उन्होंने कहा कि थरूर को अपने बयान पर खुद स्पष्टीकरण देना चाहिए. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, जिनसे BJP को फायदा हो.
वेणुगोपाल ने कहा कि 'BJP को खुशी होगी अगर कोई राहुल गांधी में कमी निकाले या उनके बारे में दो निगेटिव बातें कहे.' हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं लगता कि थरूर ने जानबूझकर ऐसा बयान दिया था.
राहुल के Gen Z आउटरीच का बचाव
वेणुगोपाल ने राहुल गांधी के छात्र आउटरीच कार्यक्रम का बचाव करते हुए कहा कि इलाहाबाद में हुए कार्यक्रम में कांग्रेस के पारंपरिक संगठन से जुड़े युवाओं के अलावा बड़ी संख्या में युवा पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि वहां मौजूद युवा “भारत का असली Gen Z” थे.
उन्होंने दावा किया कि इसी तरह की भागीदारी कोटा और देहरादून में हुए कार्यक्रमों में भी देखने को मिली. वेणुगोपाल ने उत्तर प्रदेश सरकार पर इलाहाबाद के कार्यक्रम को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पहले कार्यक्रम के लिए जगह नहीं देने का दबाव बनाया गया और बाद में रास्ते में अस्वच्छ स्थिति पैदा की गई.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार उन छात्रों के मुद्दे उठाते रहे हैं, जिन पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई हुई. इनमें पैलेट गन से घायल छात्र और पुरुष पुलिसकर्मियों पर महिला प्रदर्शनकारियों से कथित दुर्व्यवहार के मामले भी शामिल हैं.
थरूर ने कांग्रेस के अभियान पर क्या कहा था
शशि थरूर ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों जैसे कई मुद्दे उठा रहा था. जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस का कार्यक्रम जंतर-मंतर के आंदोलन जितना असर क्यों नहीं छोड़ पाया, तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह सोचना चाहिए कि उससे क्या चूक हुई.बाद में थरूर ने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनका कहना था कि राजनीतिक दलों को युवाओं के लिए अपने दरवाजे खोलने और उन्हें राजनीति को आकार देने का मौका देने की जरूरत है.
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