बम तो नहीं गिर रहे लेकिन होर्मुज में फिर भी जंग लड़ रहा अमेरिका, ईरान पर फुल प्रेशर

अमेरिका ने भले ही 13 दिन बाद पहली बार ईरान पर हवाई हमला नहीं किया, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी में उसका दबाव लगातार बढ़ रहा है. अमेरिकी नौसेना ने ईरान की तरफ बढ़ रहे कई जहाजों को रोका, कुछ को डिसेबल किया और बोर्डिंग ऑपरेशन चलाया. वहीं ट्रंप सैन्य विकल्पों पर लगातार मंथन कर रहे हैं.

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होर्मुज में अमेरिकी सेना तैनात है. (Photo- Screengrab) होर्मुज में अमेरिकी सेना तैनात है. (Photo- Screengrab)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 8:42 AM IST

ईरान पर अमेरिका की बमबारी भले ही फिलहाल थम गई हो, लेकिन जंग खत्म नहीं हुई है. अब लड़ाई का सबसे बड़ा मोर्चा समुद्र बन गया है. होर्मुज स्ट्रेट, ओमान की खाड़ी और अरब सागर में अमेरिकी नौसेना ने ईरान के खिलाफ अपना समुद्री ब्लॉकेड और सख्त कर दिया है. अमेरिका का दावा है कि ईरान की तरफ जाने वाले जहाजों पर लगातार नजर रखी जा रही है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

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अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, 25 जुलाई तक ईरान की तरफ बढ़ रहे 12 व्यापारिक जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया. इनमें से दो जहाजों को कई चेतावनियों के बावजूद आदेश नहीं मानने पर डिसेबल कर दिया गया, जबकि दो अन्य जहाजों पर अमेरिकी सैनिकों ने चढ़कर जांच की ताकि ब्लॉकेड का पूरी तरह पालन कराया जा सके.

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इसी अभियान के तहत कोमोरोस के झंडे वाले तेल टैंकर एम/टी चारमीनार पर अरब सागर में बोर्डिंग ऑपरेशन चलाया गया. जांच पूरी होने के बाद जहाज को आगे बढ़ने की इजाजत दे दी गई. वहीं मोजाम्बिक के झंडे वाले एम/टी लैविन को 24 जुलाई को ओमान की खाड़ी में अमेरिकी बलों ने रोककर निष्क्रिय कर दिया. अमेरिकी सेना का आरोप है कि जहाज ने कई बार चेतावनी के बावजूद ईरान की ओर बढ़ने की कोशिश की थी.

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ईरान पर और घातक हमले की प्लानिंग में डोनाल्ड ट्रंप

15 दिनों में दूसरी बार ऐसा हुआ है जब अमेरिका ने ईरान के भीतर रातभर कोई हवाई हमला नहीं किया. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि की है कि 24 जुलाई के बाद अमेरिकी हमले नहीं हुए. इसके बावजूद वॉशिंगटन में सैन्य गतिविधियां लगातार जारी हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 जुलाई को व्हाइट हाउस में अपने वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर ईरान के खिलाफ आगे की रणनीति पर चर्चा की. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में जमीनी सैन्य कार्रवाई और हमलों के दायरे को बढ़ाने जैसे विकल्पों पर भी विचार हुआ.

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बताया जा रहा है कि ओमान का एक प्रतिनिधिमंडल होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए तेहरान पहुंचा था. इसके कुछ घंटे बाद ही ट्रंप ने नए हवाई हमलों को फिलहाल रोकने का आदेश दिया. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है.

ईरान ने सिर्फ बहरीन में किए यूएस बेस पर हमले

दूसरी तरफ, ईरान ने भी अपने हमलों की रणनीति बदली है. पिछले 24 घंटों में उसने सिर्फ बहरीन स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया. इससे पहले ईरान लगातार बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहा था. विश्लेषकों का मानना है कि तेहरान अब अमेरिकी कार्रवाई के हिसाब से जवाबी हमले कर रहा है, ताकि अमेरिका पर घरेलू और क्षेत्रीय दबाव बढ़ाया जा सके.

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