हैदराबाद की एक विशेष POCSO अदालत ने 11 वर्षीय छात्र के साथ यौन शोषण के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने मदरसा शिक्षक सैयद नदीम को दोषी ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
दरअसल, यह मामला वर्ष 2022 का है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने मदरसे में पढ़ने वाले एक 11 वर्षीय छात्र के साथ यौन शोषण किया था. घटना के बाद उसने बच्चे को जान से मारने की धमकी भी दी थी ताकि वह किसी को इस बारे में जानकारी न दे.
यह भी पढ़ें: हैदराबाद में मटन में बीफ मिलाने के आरोप में दो लोग हिरासत में, कई होटलों तक सप्लाई की आशंका
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मामले की गहन जांच की गई और पर्याप्त सबूत जुटाकर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया. ट्रायल पूरा होने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई.
बेटे के व्यवहार में बदलाव से हुआ मामले का खुलासा
पुलिस के अनुसार, 23 मार्च 2022 को बच्चे के पिता ने बालापुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि उनका 11 वर्षीय बेटा नियमित रूप से शाहीन नगर स्थित जामिया नूरुल अनवर मदरसे में पढ़ने जाता था.
कुछ समय बाद उन्होंने देखा कि बेटा करीब एक सप्ताह से मदरसे नहीं जा रहा था और मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा था. बेटे के व्यवहार में आए इस बदलाव को देखकर पिता ने उससे इसकी वजह पूछी.
इसके बाद बच्चे ने पूरी घटना अपने पिता को बताई. उसने कहा कि करीब एक महीने पहले उसके मदरसा शिक्षक सैयद नदीम उसे जबरन अपने घर ले गए थे, जहां उसके साथ यौन शोषण किया गया. आरोपी ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी.
पुलिस जांच के बाद कोर्ट ने सुनाई सजा
शिकायत मिलने के बाद बालापुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस ने सबूत जुटाए और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई.
मामले की सुनवाई विशेष POCSO अदालत में हुई. जांच और ट्रायल पूरा होने के बाद अदालत ने आरोपी सैयद नदीम को दोषी करार दिया.
गुरुवार को अदालत ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया.
POCSO Act और IPC की धाराओं में हुई सजा
अदालत ने आरोपी को Protection of Children from Sexual Offences (POCSO) Act और भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत दोषी पाया.
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच और अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध साबित हुआ, जिसके बाद उसे सजा सुनाई गई.
बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में POCSO कानून के तहत सख्त सजा का प्रावधान है. इस फैसले को ऐसे मामलों में त्वरित जांच और प्रभावी अभियोजन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है.
aajtak.in