दिल्ली से पहाड़ों तक मौसम की मार... कैलाश मानसरोवर रूट पर लैंडस्लाइड, अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा भी बाधित

उत्तर भारत में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन से कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद हो गया है, जिससे हजारों तीर्थयात्री और स्थानीय यात्री फंसे हुए हैं. जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ, माता वैष्णो देवी यात्रा भी अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है.

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जम्मू-कश्मीर में भीषण लैंडस्लाइड. (photo: PTI) जम्मू-कश्मीर में भीषण लैंडस्लाइड. (photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:56 PM IST

उत्तर भारत में लगातार हो रही बारिश ने मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक तबाही मचा दी है. उत्तराखंड में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर लगातार हो रहे भूस्खलन से रास्ता बंद हो गया है, जबकि जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अमरनाथ, माता वैष्णो देवी यात्रा कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है. भूस्खलन और सड़कें बंद होने से हजारों तीर्थयात्री और स्थानीय यात्री विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं.

बुधवार दोपहर करीब दो बजे कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर तवाघाट के पास एक बड़ी चट्टान खिसक कर गिर गई. इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी तवाघाट दारमा मार्ग पर पमांबे के पास पूरा पहाड़ दरक गया था. तवाघाट के पास रास्ता बंद होने से चीन सीमा से जुड़ा संपर्क पूरी तरह टूट गया है.

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बीच रास्ते से लौटा चौथा जत्था

इससे पहले धारचूला से गूंजी जा रहे कैलाश मानसरोवर यात्रियों के चौथे जत्थे को रविवार को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा था, क्योंकि गर्बाधार में भूस्खलन के कारण रास्ता बंद हो गया था.

धारचूला के उप जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि चौथा जत्था धारचूला वापस लौट आया, जबकि तिब्बत में यात्रा पूरी करके लौट रहा पहला जत्था बूंदी कैंप में फंसा हुआ है.

भूस्खलन से कटा 19 से ज्यादा गांवों का संपर्क

उन्होंने कहा कि तय कार्यक्रम के अनुसार पहले जत्थे को रविवार को धारचूला पहुंचना था. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार बारिश के कारण हुए भूस्खलन से जिले के 18 से ज्यादा गांवों को जोड़ने वाली सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे हजारों लोग बाकी इलाकों से कट गए हैं. सड़कों को खोलने का काम जारी है.

वहीं, जम्मू इलाके में लगातार बारिश से भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं. जिसके चलते गुरुवार को लगातार दूसरे दिन जम्मू श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद रहा. अधिकारियों के मुताबिक, पिछले पांच दिनों की बारिश में 23 लोगों की जान जा चुकी है और सात लोग लापता हैं. बचाव टीमों ने पुंछ और राजौरी जिलों में लापता लोगों की तलाश के लिए अतिरिक्त कर्मी तैनात कर अभियान तेज कर दिया है.

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जम्मू-श्रीनगर हाईवे भी बंद

कश्मीर को जोड़ने वाला 250 किलोमीटर लंबा एकमात्र जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे उधमपुर के जखानी और रामबन के बनिहाल के बीच 5 स्थानों पर भूस्खलन व सड़क कटने से बंद है.

ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक रामबन, नगरोटा, जम्मू, उधमपुर, लखनपुर और सांबा में 600 से ज्यादा वाहन फंसे हैं. डोडा-किश्तवाड़ सड़क भी बंद है, जबकि मुगल रोड और श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी सड़क खुली हुई हैं.

मौसम विभाग ने गुरुवार को सांबा, कठुआ, उधमपुर और चिनाब घाटी में नई बारिश की आशंका जताई है, जो बाद में दक्षिण कश्मीर तक फैल सकती है. शुक्रवार को एक और पश्चिमी विक्षोभ से बारिश का नया दौर आने की चेतावनी भी दी गई है. अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि मौसम ठीक होने और हाईवे सुरक्षित घोषित होने तक यात्रा न करें.

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