केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की आवाज के मिलान (वॉयस मैचिंग) से संबंधित सुनवाई एक बार फिर टल गई है. अब इस मामले में 1 जुलाई को सुनवाई होगी. राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि मंगलवार को एडीजे-5 की अदालत में इस मामले पर बहस होनी थी, लेकिन वादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय के अनुरोध पर सुनवाई स्थगित कर दी गई.
इससे पहले सोमवार को भी राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई टल गई थी. अदालत ने अगली तारीख 6 जुलाई तय की है. यह मामला उस पुनरीक्षण याचिका से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी की आवाज का फोरेंसिक परीक्षण कर उसे सबूत के तौर पर पेश की गई सीडी में मौजूद ऑडियो से मिलान कराने की मांग की गई है.
यह मामला वर्ष 2018 का है. सुल्तानपुर के भाजपा नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. आरोप है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
इस मामले में दिसंबर 2023 में राहुल गांधी के अदालत में पेश नहीं होने पर वारंट जारी हुआ था. फरवरी 2024 में उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें 25-25 हजार रुपये की दो जमानतों पर राहत मिल गई. जुलाई 2024 में अदालत में बयान दर्ज कराते हुए राहुल गांधी ने खुद को निर्दोष बताया और मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया था.
बाद में वादी पक्ष ने राहुल गांधी की आवाज और सीडी में मौजूद ऑडियो का फोरेंसिक मिलान कराने की मांग की थी. निचली अदालत ने यह मांग खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ वादी पक्ष ने पुनरीक्षण याचिका दायर की है. इसी याचिका पर अब 1 जुलाई को सुनवाई होगी.
नितिन श्रीवास्तव