तमिलनाडु के चर्चित जेम वीरमणि POCSO केस की जांच अब एक और चरण में पहुंच गई है. पुलिस ने आरोपी शांति और उसके पति महेंद्र सिम्हन की तीन दिन की पुलिस कस्टडी मांगी है. दोनों को ग्रेनाइट कारोबारी आर. वीरमणि के साथ इस मामले में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस अब दोनों से आगे की पूछताछ करना चाहती है और इसी के लिए अदालत से तीन दिन की हिरासत की मांग की गई है. पुलिस की ओर से दाखिल आवेदन में कहा गया है कि वीरमणि से हुई पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर शांति और महेंद्र से पूछताछ जरूरी है. जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कितनी नाबालिग लड़कियां कथित तौर पर प्रभावित हुईं, घटनाएं कितने समय तक चलती रहीं और इसमें और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं.
शांति और महेंद्र सिम्हन को POCSO विशेष अदालत में पेश किया गया. मामले की सुनवाई न्यायाधीश एस. पद्मा की अदालत में हो रही है. पुलिस की मांग है कि दोनों को तीन दिन की कस्टडी में लेकर पूछताछ की अनुमति दी जाए. मामले में अदालत ने आरोपियों के वकीलों को पुलिस कस्टडी की अवधि के दौरान रोजाना शांति और महेंद्र से मिलने की अनुमति देने की बात कही है. आपके दिए घटनाक्रम के मुताबिक, पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों को रविवार शाम फिर अदालत के सामने पेश किया जाना है. हालांकि, मौजूदा रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि शांति और महेंद्र ने जमानत के लिए अदालत का रुख किया है. 24 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने पुलिस से उनकी जमानत याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने को कहा है और इस मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी.
कैसे सामने आया पूरा मामला
यह मामला अक्टूबर 2025 में सामने आया था. पुलिस को एक पेन ड्राइव मिली थी, जिसमें कथित तौर पर एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण का वीडियो था. जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान आर. वीरमणि के रूप में किए जाने की बात कही. बाद में विशेष POCSO अदालत ने पुलिस की ओर से दाखिल क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया और मामले में आगे की जांच के आदेश दिए. इसके बाद जांच आगे बढ़ी और पुलिस ने उस लड़की की पहचान करने की बात कही, जो वीडियो में दिखाई दे रही थी. उसका बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किया गया. इसके साथ ही जांच का दायरा भी बढ़ा और पुलिस ने दूसरी कथित पीड़िताओं के बयान दर्ज किए.
पुलिस के मुताबिक, वीरमणि ने चेन्नई के टेनाम्पेट इलाके में एक घर किराए पर लिया था और उसके प्रबंधन की जिम्मेदारी शांति और उसके पति महेंद्र सिम्हन को दी गई थी. जांच एजेंसी आरोप लगा रही है कि इस घर का इस्तेमाल नाबालिग लड़कियों से जुड़े कथित यौन अपराधों के सिलसिले में किया गया. इसी वजह से पुलिस अब शांति और महेंद्र की भूमिका को लेकर भी पूछताछ करना चाहती है. तीन दिन की कस्टडी मांगने के पीछे पुलिस का तर्क है कि दोनों से मामले के दूसरे पहलुओं और वीरमणि से पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के बारे में सवाल किए जाने हैं.
इस मामले की शुरुआत एक वीडियो से हुई थी, लेकिन आगे की जांच में इसका दायरा बढ़ता गया. पुलिस की शुरुआती जांच में कथित तौर पर वीडियो में दिखाई देने वाली लड़की की पहचान नहीं हो सकी थी. इसी आधार पर मामले को बंद करने की कोशिश की गई थी. लेकिन विशेष POCSO अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर आगे की जांच का आदेश दिया. इसके बाद पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की. जांच के दौरान कथित घटना की जगह की पहचान की गई और वीडियो में दिखाई देने वाली लड़की तक पहुंचने की बात सामने आई. पुलिस ने बाद में कई अन्य कथित पीड़िताओं के बयान भी दर्ज किए.
इससे पहले पुलिस ने आर. वीरमणि की भी तीन दिन की कस्टडी ली थी. अदालत ने उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए पूछताछ अदालत परिसर में करने का निर्देश दिया था. पूछताछ के दौरान पुलिस ने करीब 100 सवालों की सूची तैयार की थी और जांच का फोकस कथित घटनाओं, अन्य संभावित पीड़िताओं और दूसरे लोगों की भूमिका पर था. अब पुलिस शांति और महेंद्र से भी पूछताछ करना चाहती है. इसी के लिए तीन दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की गई है.
जांच में और क्या सामने आएगा
पुलिस इस मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अपराधों का दायरा कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं. जांच एजेंसी पहले ही कई कथित पीड़िताओं की पहचान और उनके बयान दर्ज करने की बात कह चुकी है. मामले में एक पूर्व जेम ग्रेनाइट्स कर्मचारी गणेशन की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. पुलिस का आरोप है कि उसके मोबाइल फोन में मामले से जुड़ा वीडियो मिला था और उसने इसकी जानकारी अधिकारियों को नहीं दी. फिलहाल शांति और महेंद्र के खिलाफ पुलिस की कस्टडी की मांग अदालत के सामने है. वहीं दोनों की जमानत याचिकाओं पर भी कानूनी प्रक्रिया चल रही है. अदालत में आगे की सुनवाई के बाद साफ होगा कि पुलिस को दोनों से हिरासत में पूछताछ की अनुमति मिलती है या नहीं.
प्रमोद माधव