दिल्ली-NCR में प्रदूषण से परेशान लोगों के लिए अगला हफ्ता राहत लेकर आ सकता है. मौसम विभाग (IMD) के बुलेटिन के मुताबिक, 10 नवंबर से नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है. इसके असर से पहाड़ी राज्यों में बारिश होगी और 11-12 नवंबर को दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में भी बूंदाबांदी हो सकती है. ऐसे में दिल्ली की हवा में कुछ समय के लिए सुधार की उम्मीद है.
दिल्ली-NCR में प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण होते हैं. वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और मौसम की स्थिर परिस्थितियां हवा में प्रदूषक कणों को जमा कर सकती हैं. बारिश होने पर हवा में मौजूद कुछ धूल और प्रदूषक कण पानी के साथ जमीन पर आ जाते हैं. वहीं तेज हवाएं प्रदूषण को एक जगह जमा रहने से रोकती हैं और उसे दूसरे क्षेत्रों की ओर फैला सकती हैं. इस वजह से बारिश और हवा का मेल प्रदूषण से कुछ राहत दे सकता है.
पहाड़ों से शुरू होगा मौसम का बदलाव
मौसम विभाग के मुताबिक, नए पश्चिमी विक्षोभ का शुरुआती असर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 10 नवंबर से दिख सकता है. इन इलाकों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है. इसके बाद 11 और 12 नवंबर को बारिश का दायरा बढ़ सकता है. हिमाचल प्रदेश में 10 से 12 नवंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. 12 नवंबर को राज्य में कहीं-कहीं गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी है.
उत्तराखंड में 8 और 9 नवंबर को कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश हो सकती है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 10 से 12 नवंबर के दौरान गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है. हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और झोंकों में यह 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है. 12 नवंबर को जम्मू-कश्मीर में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से 11 और 12 नवंबर को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में कुछ जगहों पर हल्की से छिटपुट बारिश होने का अनुमान है.
दक्षिण भारत में अगले 5 दिन बारिश का दौर
वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला पहले से जारी है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 नवंबर के दौरान अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. केरल और माहे में 7 से 8 नवंबर तक भारी बारिश का अनुमान है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 7 नवंबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. तटीय कर्नाटक में 7 से 8 नवंबर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 7 से 10 नवंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है. तेलंगाना में 7 नवंबर को भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है.
गरज-चमक और तेज हवाओं का भी अनुमान
दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 नवंबर के दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है. झोंकों में यह 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. केरल, माहे और लक्षद्वीप में 6 से 8 नवंबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 7 से 9 नवंबर के दौरान भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है.
पूर्वोत्तर भारत में भी भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी अगले कुछ दिनों में मौसम बदल सकता है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 10 और 11 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 11 नवंबर के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है. इन राज्यों में 7 से 12 नवंबर के बीच अलग-अलग दिनों में हल्की से छिटपुट बारिश भी हो सकती है. ऐसे में पूर्वोत्तर के लोगों को अगले सप्ताह मौसम में बदलाव के लिए तैयार रहना होगा.
बिहार, झारखंड, बंगाल में बारिश के आसार
पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में भी अगले सप्ताह बारिश हो सकती है. बिहार में 10 नवंबर को कुछ जगहों पर बारिश का अनुमान है. झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9 से 11 नवंबर के दौरान बारिश हो सकती है. गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 9 से 12 नवंबर तक छिटपुट बारिश का अनुमान है. ओडिशा में 7 नवंबर के बाद 10 और 11 नवंबर को भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है. वहीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 8 से 12 नवंबर के दौरान बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है. यहां 9 से 11 नवंबर के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है.
किन मौसमी सिस्टम के कारण बदलेगा मौसम?
IMD के मुताबिक, इस समय दक्षिण भारत में पूर्वी हवाओं का एक ट्रफ दक्षिण-पूर्व अरब सागर से केरल होते हुए दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तक फैला है. इसके अलावा पूर्वी बांग्लादेश और पूर्वोत्तर असम के आसपास ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इन मौसमी सिस्टम के कारण दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. वहीं 10 नवंबर से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और आसपास के इलाकों में मौसम बदलेगा. इसका असर आगे चलकर दिल्ली, पंजाब और हरियाणा तक पहुंच सकता है.
पश्चिम, मध्य भारत में बारिश के नहीं हैं आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस सप्ताह पश्चिम और मध्य भारत में किसी बड़ी मौसमी गतिविधि की संभावना नहीं है. यानी इन इलाकों में फिलहाल बारिश या मौसम में किसी बड़े बदलाव का अनुमान नहीं जताया गया है.
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