'ऑपरेशन सिंदूर पर रक्षा मंत्री ने संसद को गुमराह किया', कांग्रेस ने राजनाथ सिंह के खिलाफ सौंपा नोटिस

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. कांग्रेस ने उन पर संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही की मांग की है.

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केसी वेणुगोपाल ने रक्षा मंत्री पर 'ऑपरेशन सिंदूर' में हुई मौतों के मामले में संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया. (Photo: PTI) केसी वेणुगोपाल ने रक्षा मंत्री पर 'ऑपरेशन सिंदूर' में हुई मौतों के मामले में संसद को गुमराह करने का आरोप लगाया. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:04 PM IST

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के 'नो कैजुअल्टी' वाले बयान पर विवाद और गहरा गया है. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है. कांग्रेस का आरोप है कि रक्षा मंत्री ने संसद को गुमराह किया.

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केरल के अलाप्पुझा से सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा के नियम 223 के तहत विशेषाधिकार नोटिस दिया है. स्पीकर बिरला को लिखे अपने पत्र में उन्होंने 28 जुलाई 2025 को लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर हुई चर्चा का जिक्र किया है. उन्होंने रक्षा मंत्री के उस बयान का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि ऑपरेशन के दौरान ड्यूटी निभाते हुए कोई भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ.

केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हाल ही में जारी एक आधिकारिक बयान में पांच भारतीय सेना के जवानों और एक वायुसेना कर्मी के शहीद होने की जानकारी सामने आई है. उन्होंने लिखा कि इससे साफ है कि लोकसभा में रक्षा मंत्री का बयान भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत था. कांग्रेस नेता ने कहा कि सदन को गुमराह करना या जानकारी छिपाना संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन और सदन की अवमानना माना जाता है.

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उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि इस मामले में रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू की जाए. केसी वेणुगोपाल की यह मांग उस समय आई है, जब हाल ही में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर छह सैन्यकर्मियों के नाम अंकित किए गए. इन जवानों को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद होने पर श्रद्धांजलि दी गई. यह पहला मौका था जब सरकार ने सार्वजनिक रूप से इन शहीद सैनिकों की पहचान उजागर की.

रक्षा मंत्रालय ने दावों को भ्रामक बताया

हालांकि, रक्षा मंत्रालय ने बाद में सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को भ्रामक बताया. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कुछ पोस्ट्स में रक्षा मंत्री के भाषण के एक हिस्से को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया. मंत्रालय के मुताबिक, राजनाथ सिंह ने यह नहीं कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में कोई सैनिक शहीद नहीं हुआ. उनका बयान उस गलत नैरेटिव का जवाब था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि भारतीय वायुसेना के पायलट मारे गए थे.

भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 और 7 मई 2025 की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. यह कार्रवाई 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की गोलियों से भूनकर नृशंस हत्या कर दी थी. भारतीय सेना ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमा पर संघर्ष हुआ, जो 10 मई को पाकिस्तान द्वारा युद्धविराम की अपील के बाद थमा. हालांकि भारत सरकार का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ, सिर्फ स्थगित किया गया है.

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