कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 34 दिनों से NEET पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही थी. उनकी सबसे बड़ी मांग थी कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो... 34 दिन का प्रदर्शन, सोनम वांगचुक का अनशन, जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज... इन 34 दिनों में बहुत कुछ हुआ. और अब आखिरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है.
उनके इस्तीफे से कॉकरोच जनता पार्टी में खुशी की लहर है. CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस पर कहा, "झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए. लोकतंत्र में डरना नहीं बोलना है." कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि युवाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष ज़ाया नहीं गया, जो कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते वहां आखिर इस्तीफा हो गया.
कॉकरोच जनता पार्टी ने गांधी जी को याद करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से लक्ष्य को प्राप्त करना उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से सीखा है. कॉकरोच जनता पार्टी ने 'X' पर वीडियो भी जारी की है, जिसमें युवाओं में खुशी देखी जा सकती है. युवा ढोल पर थिरक रहे हैं, गमछे उड़ा रहे हैं और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपनी खुशी ज़ाहिर कर रहे हैं.
शुक्रवार को CJP और सरकार की बैठक भी हुई थी. बैठक के बाद आशुतोष राका और सौरव दास ने कहा था कि उन्होंने सरकार के सामने तीन मांगे रखी हैं. जिसमें सबसे प्रमुख मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी. उनका कहना था कि प्रधान के इस्तीफे के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. CJP ने स्पष्ट कहा था कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता तब तक जंतर मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा.
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सरकार के साथ अगले दौर की बातचीत के अगले दौर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि जब भी सरकार बुलाएगी, वो जाएंगे.
अब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने पत्र लिखते हुए कहा है कि वे जिम्मेदारी लेने से पीछे नहीं हटेंगे और युवा शक्ति को कुचक्र में नहीं फंसने देंगे.
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