भारत मंडपम में गाला डिनर का आयोजन, बस में सवार होकर पहुंचे मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री

ब्रिक्स नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री संसद से एक खास बस में भारत मंडपम पहुंचे हैं. ब्रिक्स गाला डिनर, ब्रिक्स की अध्यक्षता करने वाले देश की ओर से आयोजित एक औपचारिक स्वागत समारोह है.

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इंडोनेशिया के राष्ट्रपति गाला डिनर में शामिल होने के लिए भारत मंडपम पहुंचे.(Photo: ITG) इंडोनेशिया के राष्ट्रपति गाला डिनर में शामिल होने के लिए भारत मंडपम पहुंचे.(Photo: ITG)

गीता मोहन

  • नई दिल्ली,
  • 12 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:50 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ब्रिक्स नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री संसद से एक खास बस में भारत मंडपम पहुंचे हैं.

यह डिनर नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन के कार्यक्रम का हिस्सा है.

बता दें कि ब्रिक्स गाला डिनर, ब्रिक्स की अध्यक्षता करने वाले देश की ओर से आयोजित एक औपचारिक स्वागत समारोह है. इसका आयोजन शिखर सम्मेलन के पहले दिन के कार्यक्रम के बाद शाम में किया जाता है.

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इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से वैश्विक नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए आयोजित गाला डिनर में शामिल होने के लिए भारत मंडपम पहुंचे. कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस समेत अन्य नेता भी गाला डिनर के लिए पहुंच चुके हैं.

चीन और भारत बड़ी जिम्मेदारियां निभाते हैं- शी जिनपिंग

इस बीच PM नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा, 'एक मुश्किल अंतरराष्ट्रीय माहौल में, जिसमें आपस में जुड़े बदलाव और चुनौतियां हैं, चीन और भारत, दुनिया के दो सबसे ज़्यादा आबादी वाले देश और ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य होने के नाते, बड़ी ज़िम्मेदारियां निभाते हैं.

शी जिनपिंग ने बताया, दोनों पक्षों को इंसानियत के भविष्य और अपने लोगों की भलाई को ध्यान में रखना चाहिए और बड़े BRICS फ्रेमवर्क के अंदर उच्च-गुणवत्ता वाले सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए. हमें एक बराबर और व्यवस्थित मल्टीपोलर दुनिया और आर्थिक वैश्वीकरण के एक सबको साथ लेकर चलने वाले, आपसी फ़ायदे की वकालत करनी चाहिए, जिससे दुनिया में शांति, स्थिरता, विकास और खुशहाली को बढ़ावा देने में और ज़्यादा सकारात्मक ऊर्जा आए.

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